डेरा सच्चा सौदा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक अर्जी दायर कर अपने फ्रीज बैंक खातों को खोलने की मांग की हैं। डेरा से जुड़ी शोभा गोरा व अन्य ने कहा कि पैसा न होने की वजह से एक ओर जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है वहीं डेरे के अस्पताल में मौजूद मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। कर्मियों का वेतन भी लंबित हो गया है जिसके चलते संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इस अर्जी पर बुधवार को मुख्य याचिका संग सुनवाई होगी।
हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कोर्ट को बताया कि डेरा के शिक्षण संस्थान में 7000 के करीब बच्चे पढ़ते हैं । डेरे के कुल 1000 कर्मचारी हैं। वे डेरे से मिलने वाले वेतन पर ही निर्भर हैं। इसके साथ ही डेरा में 400 बेड का अस्पताल भी है जिसमें 37 डाक्टर व 408 के करीब पैरामेडिकल स्टाफ हैं। अस्पताल में अभी 500 के करीब मरीज दाखिल है और रोजाना 100 के करीब मरीज ओपीडी में आते हैं।
अस्पताल का महीने का खर्च लगभग 60 लाख से 65 लाख के बीच है। बैंक से पैसा आना बंद होने के कारण अब अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है और वहीं स्टाफ भी वेतन न मिलने से परेशान है। अर्जी में कोर्ट से आग्रह किया गया हैं कोर्ट द्वारा उसके बैंक खाते सीज करने से स्वास्थ्य व शिक्षा से जुडे उसके सभी संस्थानों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा हैं। इस लिए लोक हित में बैंक खाते पर सीज के आदेश हटाए जाए।