पटवारी के पद पर रिटायर्ड कर्मियों की नियुक्ति को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने पंजाब में पटवारी के पद पर रिटायर्ड पटवारियों, कानूनगो की नियुक्ति के फैसले पर रोक लगाते हुए राजस्व विभाग के प्रधान सचिव, वित्तायुक्त (राजस्व) और निदेशक लैंड रिकार्ड को 23 सितंबर के लिए नोटिस जारी किया है।
संबंधित विभाग की ओर से 18 अगस्त, 2015 को जारी विज्ञापन के आधार पर पटवारी के पद के लिए आवेदन करने वाले 20 उम्मीदवारों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंजाब सरकार द्वारा 5 अगस्त, 2016 को जारी इस सर्कुलर को चुनौती दी है, जिसके तहत संबंधित विभाग ने पटवारी के पदों पर कांट्रैक्ट आधार पर रिटायर्ड/वयोवृद्ध पटवारियों/कानूनगो को नियुक्त करने का फैसला किया है।
याचिका में लगाए गए अनदेखी करने के आरोप
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याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इस सर्कुलर के कारण उनकी व अन्य योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से उपस्थित एडवोकेट दिनेश कुमार ने पिछले साल पटवारी पद के लिए जारी किए गए विज्ञापन के आधार पर याचिकाकर्ताओं को नौकरी का अवसर दिए जाने की मांग की।
याचिका में कहा गया है कि चूंकि पंजाब में पटवारी की सेवाएं पंजाब राजस्व पटवारी (क्लास 3) सर्विसेज रूल्स 1966 के तहत शासित हैं, जिसमें पटवारी पद के लिए योग्यता दसवीं या हायर सेकेंडरी पास तय की गई है, लेकिन 28 अक्तूबर, 2014 को जारी अधिसूचना के तहत इसमें संशोधन कर शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएट कर दी गई है।
इसके बावजूद सरकार ने रिटायर्ड पटवारियों और कानूनगो को नौकरी पर रखने के लिए शैक्षिक योग्यता का पुराना नियम- दसवीं या हायर सेकेंडरी ही रखा है, जोकि न सिर्फ संबंधित नियम का उल्लंघन है बल्कि संविधान ने अनुच्छेद- 14 और 16 का भी उल्लंघन है।
याचिका में ये बात भी कही गई
कोर्ट
याचिका में कहा गया है कि इन पदों पर योग्य लोगों की ओपन नियुक्ति जानी चाहिए, जिसमें सभी को आवेदन करने की छूट हो। याचिका में आगे कहा गया कि कितने पदों पर नियुक्तियां रिटायर्ड कर्मियों की होंगी, यह भी तय नहीं किया गया है।
याचिका में आगे कहा गया है कि 20 याचिकाकर्ताओं को छोड़कर केवल याचिकाकर्ता नंबर 21 ओंकार सिंह ही दसवीं/जमा दो पास है, लेकिन सभी याचिकाकर्ताओं ने अधिकृत संस्था से पटवार ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट हासिल किया है और लगभग सभी याचिकाकर्ताओं ने बेसिक कंप्यूटर ज्ञान भी हासिल किया है, जोकि पटवारी पद के लिए अनिवार्य योग्यता तय की गई है।
जस्टिस जसवंत सिंह की बेंच ने शनिवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी प्रतिवादियों को 23 सितंबर के लिए नोटिस जारी करने के साथ ही पटवारी पद पर रिटायर्ड पटवारियों/कानूनगो की नियुक्ति के फैसले पर रोक लगा दी।