आउट सोर्स सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मंगलवार को पीजीआई में सभी सर्जरी टालने की जानकारी मिलने पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रवैया अपनाया। कोर्ट ने कहा कि अब हम मौन नहीं रह सकते। पीजीआई के सफाई कर्मचारियों द्वारा हड़ताल के लिए जारी 22 अगस्त के नोटिस पर रोक लगाते हुए डीजीपी और एसएसपी को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं कि कोई हड़ताली कर्मचारी पीजीआई के कामकाज को प्रभावित न कर पाए।
पंचकूला निवासी विजय बंसल ने एडवोकेट विवेक शर्मा के जरिये हड़ताल के कारण पीजीआई में आने वाले लोगों को हो रही परेशानी के मद्देनजर जनहित याचिका दायर की है। मंगलवार को पीजीआई की ओर से बताया गया कि हड़ताल के कारण सभी छोटी-बड़ी सर्जरी का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस दौरान यूटी प्रशासन की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल पंकज जैन ने कहा कि पीजीआई प्रबंधन से सूचना मिली थी कि हड़ताली कर्मचारी अन्य कर्मचारियों के काम में बाधा डाल रहे हैं।
सूचना मिलते ही पीजीआई में तत्काल पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी और फिलहाल उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि इस हड़ताल से किसी को भी अस्पताल में आने जाने की कोई दिक्कत हो रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि सर्जरी जैसा अहम कार्य प्रभावित होना बहुत गंभीर विषय है और ऐसे में इस मामले में दखल बहुत जरूरी है।