एचसीएस (जूडीशियल) पेपर लीक मामले में सुभाष चंद्र गोदारा व एक अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट कड़ी टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि जूडीशियल पेपर लीक का मामला बहुत गंभीर है और इस मामले में सभी आरोपी हमारे लिए मुख्य आरोपी हैं। सभी के तार एक दूसरे से जुड़े हैं इसलिए सभी की भूमिका सवालों के घेरे मे है। इसके साथ ही कोर्ट ने दो आरोपियों को जमानत दे दी।
हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी याचिकाकर्ता के वकील की उस दलील पर की है जिसमें उसने कहा था कि इस केस के मुख्य आरोपी हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर शर्मा को जब जमानत दी जा चुकी है तो याचिकाकर्ता को भी जमानत दी जाए। हालांकि हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाकर्ताओं को जमानत दे दी है। सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन ने बताया कि इस केस की जांच जारी है और सीएफएसएल को 18 वॉयस सैंपल भेजे गए थे उनमे से 16 की रिपोर्ट तैयार है और दो की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।
इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई 15 फरवरी तक स्थगित करते हुए प्रशासन को अगली सुनवाई पर जांच की स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दे दिए हैं। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने सीएफएसएल द्वारा इन सैंपल्स की रिपोर्ट तैयार नहीं करने पर कड़ा रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि सीएफएसएल अगली सुनवाई तक हर हाल में अपनी रिपोर्ट तैयार कर ले। अगर वह नाकाम रही तो अगली सुनवाई पर निदेशक को हाईकोर्ट में पेश हो इसका जवाब देना होगा। जिन दो आरोपियों को हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दी वे आरोपी आयुषी के पिता और मामा हैं।