आतंकवाद के दौर में 1994 में हुए सुखपाल सिंह फेक एनकाउंटर मामले की जांच कर रहे डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर अपनी बेबसी जताई है। उन्होंने बताया कि उनके पास न तो शक्तियां हैं और न स्टाफ। ऐसी स्थिति में वह कैसे जांच कर सकते हैं। उनकी अर्जी पर हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होगी।
सोमवार को डीजीपी चटोपाध्याय ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कहा है कि वह फिलहाल डीजीपी (पीएसपीसीएल) के पद पर तैनात हैं। यह एक्स काडर पोस्ट है जिसे पंजाब सरकार डीजीपी पद के समकक्ष नही मानती है। ऐसे में उनके पास न तो कोई शक्तियां है न ऑफिस और न ही स्टाफ और अन्य सुविधाएं।
लिहाजा वह इन सभी शक्तियों और स्टाफ के बिना इस मामले की जांच नहीं कर पाएंगे। या तो उन्हें यह सभी शक्तियां, स्टाफ और अन्य सुविधाएं दी जाएं या इस मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंप दी जाए। यह अर्जी सोमवार को हाईकोर्ट में दायर कर दी गई है जिस पर हाई कोर्ट 29 मई सुनवाई कर सकता है।