निजी स्कूलों में फीस प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट ने कहा है कि ट्यूशन फीस के अलावा अन्य कोई भी फीस की वसूली नहीं की जा सकती है। क्या यह फीस निजी स्कूल बाद में वसूल कर सकते हैं, इस संबंध में पंजाब सरकार 19 जून को अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
जस्टिस निर्मलजीत कौर ने सोमवार को मामले की सुनवाई में अभिभावकों का पक्ष सुना और बाद में कहा कि पंजाब के एडवोकेट जनरल ही इस पुरे मामले का हल निकालें, जिसमे न तो अभिभावकों का नुकसान हो और न ही निजी स्कूलों को नुकसान उठाना पड़े।
अभिभावकों की ओर से पहले एडवोकेट चरणपाल सिंह बागड़ी ने कहा कि यह कहना कि फीस अगर नहीं वसूली गई तो निजी स्कूलों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा गलत है। एडवोकेट बागड़ी ने कुछ दस्तावेज हाईकोर्ट को सौंपते हुए बताया कि अगर निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले लें तो उससे ही उनके सभी खर्च और स्टाफ का वेतन निकल जाएगा।
स्कूलों ने उनकी वार्षिक बैलेंस शीट मंगवा कर देख लिया जाए। वहीं एडवोकेट आरएस बैंस से भी अभिभावकों का पक्ष रखते हुए कहा कि लॉकडाउन के चलते करोड़ों लोगों की नौकरी चली गई है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।