सीबीआई के लगाए ट्रैक के दौरान रैश ड्राइविंग का आरोप लगाते हुए चंडीगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर पर दर्ज हत्या के प्रयास मामले में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने हैरानी जताई। कहा कि किसी को खरोंच तक नहीं आई, फिर भी हत्या के प्रयास का मामला कैसे दर्ज कर लिया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता 1 वर्ष 5 माह से जेल में है, ऐसे में उसे नियमित जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।
याचिका दाखिल करते हुए सब इंस्पेक्टर राजबीर ने हाईकोर्ट को बताया कि चोरी के एक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्होंने शिकायतकर्ता पक्ष के साथ समझौता कर लिया। इसी बीच उनमें से एक ने सीबीआई को इसकी शिकायत दे दी जिसके बाद सीबीआई ने ट्रैप लगाया था। याचिकाकर्ता ने बताया कि सीबीआई का लगाया गया ट्रैप फेल था, जिसके बाद सीबीआई ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करवा दिया।
याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मामले में किसी को खरोंच तक नहीं आई थी और न ही कोई मेडिकल करवाया गया था। सीबीआई के आरोप के अनुसार याचिकाकर्ता ने मौके से भागने के लिए उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया था। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद कहा कि वह हैरान है कि कैसे इस मामले में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है जब किसी को खरोंच तक नहीं आई।