कांस्टेबल, उनकी पत्नी और बेटी को जिंदा जलाने के मामले में पीड़ित परिवार को 11 साल बाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है, जिससे इंसाफ मिलने की आस लग गई है। मामला पंजाब के बठिंडा का है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आठ पुलिस वालों समेत नौ लोगों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए है। पीड़ित परिवार की तरफ से वर्ल्ड ह्यूमन राइटस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था। आदेश 11 जनवरी को दिए गए हैं। गांव जस्सा सिंह बहमन दीवाना निवासी कांस्टेबल गुरजंट सिंह की बेटी हरजीत कौर और सुखपाल कौर ने बताया कि 2005 में उनके गांव के बूटा सिंह और तेजा सिंह के साथ उनके पिता का जमीन को लेकर विवाद हो गया था।
बूटा और तेजा ने अपने रसूख का प्रयोग कर उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों पर झूठे केस दर्ज करवाने शुरू कर दिए थे। 29 सितंबर 2007 में वह अपने पूरे परिवार के साथ घर में टीवी देख रहे थे। इसी दौरान बूटा सिंह और तेजा सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ उनके घर दीवारें फांद कर आ घुसे। आते ही इंस्पेक्टर महिंदर कुमार घई, एएसआई अमृतपाल सिंह भाटी ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध किया तो बूटा सिंह और तेजा सिंह ने पुलिस वालों के साथ मिलकर उनके पिता गुरजंट सिंह और माता जसवीर कौर पर केरोसीन छिड़क कर आग लगा दी।
आग बुझाने के लिए जब उन्होंने और उनकी तीन बहनों रामपाल कौर, बेअंत कौर, वीरपाल कौर ने प्रयास किया तो वह पांचों बहनें भी झुलस गई। परिवार को झुलसता छोड़कर उक्त इंस्पेक्टर महिंदर सिंह घई, एएसआई अमृतपाल सिंह भार्टी पुलिस पार्टी समेत फरार हो गए। पड़ोसियों ने उनको अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें फरीदकोट भेज दिया गया था। वहां पर उनके पिता गुरजंट सिंह और माता जसवीर कौर की मौत हो गई थी। कुछ दिन बाद ही उनकी दो बहनों बेअंत कौर और वीरपाल कौर की भी मौत हो गई। इसके बाद भी पुलिस ने उल्टा उनके परिवार पर ही विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर दिया।
जिला सेशन जज ने जांच में सही पाए थे आरोप
दोनों बहनों ने बताया कि बठिंडा के तत्कालीन जिला सेशन जज ने मामले की जांच की तो उक्त पुलिस वालों को आरोपी पाया गया लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने उन्हें इंसाफ नहीं दिया। इसके बाद 2007 में वर्ल्ड ह्यूमन राइटस के रंजन लखनपाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक पीआईएल डाली। दोनों बहनों ने आरोप लगाया कि जब तक केस अदालत में चलता रहा तब तक पुलिस वाले उनको धमकाते रहें। अब अदालत ने उनके परिवार के साथ दरिंदगी करने वाले पुलिस वालों पर खुदकुशी करने के लिए मजबूर करने के आरोप के तहत केस दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं, लेकिन वे आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज करवाने के लिए अदालत जाएंगे।
समझौता न करने पर टूटा एक बहन का घर
दोनों बहनों ने बताया कि उनकी बहन रामपाल कौर की शादी 2014 में मानसा निवासी के साथ हुई थी। उन्होंने बताया कि रामपाल के पति ने एएसआई गुरजंट सिंह के कहने पर उसकी बहन पर राजीनामा करने का दबाव बनाया। जब वह नहीं मानी तो उसकी बहन को ससुराल वालों ने छोड़ दिया।
इन पुलिस वालों पर केस दर्ज करने के आदेश
सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर महिंदर कुमार घई, सीआईए स्टाफ वन के इंचार्ज इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह भाटी, एएसआई गुरजंट सिंह, एसपीओ काका सिंह, हेड कांस्टेबल मेजर सिंह, मंदर सिंह, सुरजीत सिंह के अलावा पंजाब होमगार्ड के अमरीक सिंह पर केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जो भी आदेश आएंगे, उसके अनुसार ही उक्त पुलिस वालों पर केस दर्ज किया जाएगा।
- नानक सिंह, एसएसपी, बठिंडा