कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के विरोध में हजारों किसानों का 15 सितंबर को मोहाली से चंडीगढ़ प्रोटेस्ट मार्च किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था को भंग न करे। पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे सुनिश्चित करने के आदेश पंजाब और चंडीगढ़ के डीजीपी को दिए हैं। मामले में जनहित याचिका दाखिल करते हुए सेक्टर 51 निवासी राजप्रीत सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि भारतीय किसान यूनियन, कारखाना मजदूर यूनियन व पंजाब किसान संघर्ष कमेटी ने 15 सितंबर को प्रोटेस्ट मार्च निकालने का निर्णय लिया है।
कश्मीर से धारा 370 व 35ए हटाए जाने के विरोध में मोहाली के दशहरा ग्राउंड से चंडीगढ़ के लिए हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचेंगे। याची ने कहा कि यह तनाव की स्थिति पैदा कर सकता है क्योंकि भीड़ कभी भी हिंसक हो सकती है। याची ने बताया कि इस वर्ष मई माह में मोहाली में ऐसे दो मामले सामने आए थे, जिनमें भीड़ उग्र गई थी। याची ने कहा कि इस बार तो भीड़ हजारों की संख्या में होगी जो मोहाली और चंडीगढ़ दोनों में कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकती है।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए अब पंजाब और चंडीगढ़ के डीजीपी को कमान सौंपते हुए यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं कि कानून व्यवस्था किसी भी प्रकार से बिगड़ने न पाए। साथ ही उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि भीड़ किसी भी प्रकार से कोई जान माल का नुकसान न करने पाए। साथ ही हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
किसान संगठनों को भी बनाया प्रतिवादी
याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, यूटी प्रशासन, पंजाब के डीजीपी, चंडीगढ़ के डीजीपी, मोहाली के एसएसपी व डीसी को नोटिस जारी किया है। साथ ही किसान संगठनों को भी हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर प्रतिवादी बनाया है।