शिरोमणि अकाली दल ह्यूमन राइट विंग के सचिव जसवंत सिंह खालड़ा का 1995 में एनकाउंटर कर हत्या के दोषी जसपाल सिंह को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बड़ा झटका दिया है। सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ मृतक की पत्नी द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दोषी को माफी देने पर विचार करने के सिंगल बेंच के आदेश पर खंडपीठ ने रोक लगा दी है। सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ मृतक जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने एडवोकेट आरएस बैंस के माध्यम से अपील दाखिल की थी।
जसपाल सिंह को जसवंत सिंह खालड़ा की हत्या का दोषी करार देते हुए ट्रायल कोर्ट ने जनवरी 2005 में 17 वर्ष 2 महीने के आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस केस की जांच सीबीआई ने की थी। सजा की अवधि में से 14 वर्ष 4 महीने बीत जाने के बाद जसपाल सिंह ने पंजाब सरकार से सजा माफी की अपील की थी। पंजाब सरकार ने यह कहते हुए अपील रद्द कर दी थी कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने की है और ऐसे में इसके लिए केंद्र सरकार की सहमति अनिवार्य है।
सरकार के इस आदेश को जसपाल सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने दिसंबर 2018 में पंजाब सरकार के आदेश को रद्द करते हुए जसपाल सिंह की सजा माफी पर गौर करने के आदेश दे दिए थे। साथ ही सरकार के इस विषय पर निर्णय करने तब जसपाल सिंह को पैरोल के भी आदेश दिए थे। सिंगल बेंच के इस फैसले को अब मृतक जसवंत सिंह की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने डबल बेंच में चुनौती दी है।