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मोरनी गैंगरेपः हाईकोर्ट का सवाल, किस कानून के तहत व्हाट्सएप पर कराई आरोपी की शिनाख्त

Wed, 23 Jan 2019 02:08 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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बहुचर्चित मोरनी गैंगरेप मामले में व्हाट्स एप पर शिनाख्त करवा आरोपी बनाए गए युवक की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के डीजीपी को तलब कर लिया है। हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से पूछा है कि बिना कोर्ट के आदेश के शिनाख्त कैसे हुई और कौन से कानूनी प्रावधान के तहत व्हाट्स एप पर शिनाख्त करवाई गई।
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यमुनानगर निवासी अजय ने एडवोकेट सुखविंदर सिंह नारा के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए जमानत देने की अपील की थी। नारा ने हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता का नाम न तो एफआईआर में था और न ही उसकी शिनाख्त हुई, बावजूद इसके उसे आरोपी बना दिया गया। जांच कर रही एसआईटी केवल होटल मालिक के कॉल रिकार्ड के आधार पर ही केस की जांच आगे बढ़ा रही है।

ऐसा करते हुए कानूनी प्रावधानों को भी ताक पर रखा जा रहा है। याची ने बताया कि न तो शिनाख्त के लिए कोर्ट से आदेश लिए गए थे और न ही इससे जुड़े पीड़िता के कोई बयान मौजूद थे। पीड़िता को केवल व्हाट्स एप पर याची की फोटो दिखाई गई और पीड़िता ने इस पर अपनी हामी भर दी। इसके आधार पर पुलिस ने चालान दाखिल करते हुए याचिकाकर्ता का नाम भी शामिल कर दिया और उसे आरोपी बना दिया।
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हाईकोर्ट ने याची का पक्ष सुनने के बाद हरियाणा सरकार से पूछा कि क्या शिनाख्त केलिए कोर्ट के आदेश लिए गए थे। इस पर कोई जवाब नहीं आया। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में जांच इतनी लापरवाही से क्यों हो रही है। आखिर किस कानूनी प्रावधान के तहत व्हाट्स एप पर शिनाख्त का निर्णय लिया गया। हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब करते हुए उन्हें खुद इस बारे में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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