पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में फांसी की सजा पाए खालिस्तानी आतंकवादी बलवंत सिह राजोआणा की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने की मांग वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
राजोआणा की बहन कमलदीप ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बलवंत सिंह की फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील करने की मांग की थी। याचिका में बताया गया है कि बलवंत सिंह पिछले 20 साल से जेल में बंद है। इस दौरान उसने न तो अपनी सजा को चुनौती दी है और न ही कानूनी सहायता मांगी है। उसको फांसी की सजा हुए 10 साल हो चुके हैं । इसलिए उसकी फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील किया जाए।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जिसको सजा मिली है वो याचिका दायर करे। अन्य लोग याचिका दायर कैसे कर सकते हैं? बलवंत सिंह को अदालत की ओर से पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। राजोआणा को 1 अगस्त 2007 को चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।