Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ की मार्बल मार्केट में मौजूदा निर्माण पर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि जिन वेंडरों के नाम 2018 के सर्वे में शामिल थे, उनके निर्माण फिलहाल नहीं गिराए जाएंगे। वहीं, बाकी के निर्माण पर नगर निगम कार्रवाई कर सकता है। इसके साथ हाईकोर्ट ने नई मार्केट का आवंटन करते हुए सभी योग्य आवेदकों को मौका देने का भी आदेश दिया है।
मार्बल ट्रेडर वेलफेयर एसोसिएशन ने याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया था कि चंडीगढ़ प्रशासन ने मलोया में नई मार्बल मार्केट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है। याची इसके लिए आयोजित होने वाले ड्रा में भी हिस्सा लेने को तैयार हैं, लेकिन ऐसा होने से पहले ही इस पुरानी मार्केट से निर्माण गिराने का कार्य आरंभ कर दिया गया है।
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हाईकोर्ट ने बीते वर्ष निर्माण गिराने पर रोक लगा दी थी। यह भी बताया कि हाईकोर्ट ने 2018 के पहले से वहां काम कर रहे लोगों को हटाने पर रोक लगाई थी लेकिन निगम की टीम ने सर्वे कर अब नए सिरे से नोटिस जारी कर उन्हें हटाने का फैसला लिया है। निगम की ओर से कहा गया कि 2018 के बाद कई लोगों ने मार्केट में अवैध कब्जा करना आरंभ कर दिया है और सर्वे में उनका नाम भी नहीं है।
याची ने बताया कि वह 2018 में वहां मौजूद थे, जबकि सर्वे 2016 का है। हाईकोर्ट ने उन्हें मोहलत देते हुए 2018 में उनकी मौजूदगी का सबूत पेश करने का आदेश दिया था। अब मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों का नाम सर्वे में मौजूद है, उनका निर्माण नई मार्बल मार्केट बनने तक नहीं गिराया जाएगा, जबकि बाकी निर्माण पर नगर निगम कार्रवाई कर सकता है।