पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणवी गायिका व डांसर सपना चौधरी पर एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करवाने की मांग का निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में गुरुग्राम पुलिस सपना के खिलाफ इस मामले में कैंसिल रिपोर्ट पेश कर चुकी है । ऐसे में अब हाईकोर्ट में इस मामले का कोई औचित्य नही है।
यह केस आधारहीन है, इसलिए हाईकोर्ट इस मामले का निपटारा कर रहा है। सपना ने अपने खिलाफ गुरुग्राम में एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करवाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि उसके खिलाफ सेक्टर 29 थाना क्षेत्र के चकरपुर में आयोजित कार्यक्रम में रागिनी प्रस्तुत की थी।
इसमें एक जाति विशेष पर टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए खांडसा गांव के सतपाल तंवर नामक व्यक्ति ने कहा था कि उनके द्वारा गाई गई रागिनी से एससी-एसटी वर्ग के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। सपना ने याचिका में कहा कि यह रागिनी विभिन्न लोक गायक चार दशकों से भी अधिक समय से विभिन्न कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जा रही है।
मामले में उन्हें टारगेट किया जा रहा है और उनका किसी को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।