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नेशनल खिलाड़ी को रेप का आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने के मामले में राहत, टिप्पणियों पर भी लगी रोक

Wed, 05 Jun 2019 12:41 PM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर को रेप का आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने का आरोपी बताने वाले सेशन जज के आदेश पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही एफआईआर के तहत कोई भी कार्रवाई करने पर भी हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए महिला खिलाड़ी को बड़ी राहत दी है।
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हरियाणा की महिला खिलाड़ी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए सेशन जज के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें कोर्ट ने उसके खिलाफ टिप्पणी की थी कि याची रेप के झूठे आरोप लगा ब्लैकमेलिंग करती है। इसके साथ ही सेशन जज द्वारा दिए गए एफआईआर के आदेश को भी इस आधार पर चुनौती दी थी कि सेशन जज को अधिकार ही नहीं है कि वह सीधे तौर पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी करें।
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याची के वकील संसार कुंडू ने हाईकोर्ट को बताया कि महिला पहले एक व्यक्ति के पास नौकरी मांगने गई थी, उस दौरान व्यक्ति ने महिला से दुष्कर्म किया। इसको लेकर याची ने एफआईआर दर्ज करवा दी। इस मामले में दोनों के बीच समझौता हो गया। समझौते के तहत कोई राशि के लेन -देन से जुड़ी वीडियो आरोपी ने बना ली और याची पर ही केस दर्ज करवा दिया।

इसके बाद याची के एक मित्र ने उससे दुष्कर्म किया, जिसके चलते याची ने उस पर एफआईआर दर्ज करवा दी। इसी बीच बड़े बुजुर्गों ने विश्वास दिलाया कि उसका विवाह दुष्कर्म करने वाले उसके मित्र के साथ करवा दिया जाएगा। जिसके चलते याची ने मित्र की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पहुंचकर उसके पक्ष में गवाही दे दी।

इसी दौरान सेशन जज को याची से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी दी गई जिस पर सेशन जज ने याची को ब्लैकमेलर बता उसके खिलाफ एफआईआर के आदेश जारी कर दिए। हाईकोर्ट ने याची के वकील संसार कुंडू की दलीलें सुनने के बाद प्राथमिक तौर पर उनसे सहमति जताते हुए सेशन जज के आदेश पर रोक लगाते हुए याची के खिलाफ भी कोई कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है।
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