हाईकोर्ट ने एक बेहद रोचक मामले में अहम आदेश सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि पत्नी को खाना बनाना न आना और मायके से अधिक लगाव तलाक का आधार नहीं हो सकते। हाईकोर्ट ने कहा कि यह वैवाहिक जीवन के आम विवाद हैं, जिसे पति के प्रति पत्नी की क्रूरता नहीं माना जा सकता।
चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अपनी पत्नी को क्रूर बताते हुए तलाक दिए जाने की अपील की थी। याची ने बताया कि इससे पहले निचली अदालत में उन्होंने याचिका दाखिल करते हुए तलाक दिए जाने की अपील की थी। इस अपील को निचली अदालत ने खारिज कर दिया। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
याची ने बताया कि 2004 में उसका विवाह यूपी के सुल्तानपुर से हुआ था। इसके बाद से ही उसकी पत्नी उसके व उसके परिवार के प्रति क्रूर रही है। उसकी पत्नी को खाना तक नहीं बनाना आता, जिसके चलते याची व उसके परिवार को परेशानी होती है। उसकी पत्नी का अपने मायके वालों से अधिक जुड़ाव है, जिसके कारण उनके अलावा किसी अन्य का घर आना तक उसे पसंद नहीं है।