किसी को जुवेनाइल मानने के लिए दसवीं की मार्कशीट में दर्ज तिथि को जन्म तिथि मानने के लिए ट्रायल कोर्ट बाध्य नहीं है। जज अपनी कसौटी पर सबूतों को परखने के बाद निर्णय देने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस राजबीर सहरावत ने यह आदेश फरीदाबाद निवासी गजब सिंह की याचिका को खारिज करते हुए जारी किए हैं।
दाखिल की गई याचिका में गजब सिंह ने बताया कि 15 मार्च 2017 को उस पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में ट्रायल जुवेनाइल कोर्ट में हो, इसके लिए उसने मजिस्ट्रेट के सामने अर्जी दी थी, जिसे मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई, लेकिन वहां भी इसे खारिज कर दिया गया।
इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। इसमें याची ने दसवीं की मार्कशीट पर पड़ी तिथि को जन्म तिथि मानकर केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में भेजने की अपील की थी।