बैंकाक की उड़ान बंद करने पर एयर इंडिया को फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे ही काम करना है तो बेहतर है एयर इंडिया को ताला लगा दो। कोर्ट ने कहा कि सभी उड़ाने बंद कर दो फिर न घाटे की चिंता होगी न ही एयर इंडिया को आगे बढ़ाने की। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने एयर इंडिया की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का हलफनामा खारिज कर दिया और अगली सुनवाई पर उन्हें खुद हाजिर होकर जवाब दाखिल करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर एयर इंडिया की सभी उड़ानों का ब्यौरा मांगा था। इसके जवाब में मंगलवार को हलफनामा दाखिल करते हुए बताया गया कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बैंकाक की उड़ान से एयर इंडिया को दिसंबर से मार्च तक 825 लाख का तथा अप्रैल से जुलाई तक 879 लाख का घाटा हुआ है। दिल्ली और मुंबई से बैंकाक की फ्लाइट्स फायदे में हैं।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि केवल बैंकाक की फ्लाइट की डिटेल नहीं मांगी थी बल्कि सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का ब्योरा मांगा था। क्या और किसी एयरपोर्ट से कोई इंटरनेशनल फ्लाइट घाटे में नहीं चलती है। अब डायरेक्टर खुद हाईकोर्ट में हाजिर होकर अगली सुनवाई पर यह बताएं।
दिल्ली में सभी एयर लाइंस को चंडीगढ़ से फ्लाइट शुरू करने का ऑफर
हाईकोर्ट को बताया गया कि 25 अक्तूबर को एयरपोर्ट अथॉरिटी दिल्ली में सभी फ्लाइट्स के ऑफिसरों से मुलाकात कर बताएंगे कि 31 मार्च तक चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सातों दिन 24 घंटे उड़ान हो सकेगी। ऐसे में सभी को यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए स्थान बुक करने का ऑफर भी दिया जाएगा।