पंजाब में पहली बार हॉप-ऑन हॉप-ऑफ बसें दौड़ती नजर आएंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला किया गया है। पहली बार गुरु नगरी अमृतसर में बसें चलाई जाएंगी। अमृतसर को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह विश्व मानचित्र पर पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है।
पर्यटन मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने बताया कि अमृतसर पंजाब आने वाले सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यहां रोजाना करीब आठ हजार सैलानी देश-विदेश से आते हैं। इस समय अमृतसर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ले जाने केलिए कुछ निजी टूर ऑपरेटर सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं।
इन स्थानों पर जाने केलिए नियमित तौर पर कोई विशेष ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं है। इसे देखते हुए सरकार ने यहां पांच डबल डेकर हॉप-ऑन हॉप-ऑफ बसें चलाने का फैसला किया है। यह बस सेवा दिन के समय उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को दरबार साहिब, रामबाग गेट, रामबाग गार्डन, टाउन हॉल, दुर्ग्याणा मंदिर, गोबिंदगढ़ फोर्ट, हेरिटेज विलेज, वार मेमोरियल, वाघा बॉर्डर और रामतीर्थ जाने केलिए सिर्फ एक टिकट खरीदनी होगी।
वह उस टिकट पर दिन में जितनी बार चाहें सफर कर सकेंगे। यात्री किसी भी एक स्थान पर उतर सकेंगे, वहां दर्शन करने के बाद अपनी सुविधा से उसी टिकट पर दूसरी बस में चढ़ सकेंगे। ठंडल ने बताया कि इन बसों को चलाने संबंधी प्रस्ताव को डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने मंजूरी दे दी है।
पर्यटन विभाग इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बसें चलने से पर्यटक उत्साहित होंगे, राज्य की आय में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट का चयन करने को टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चुने गए कंसल्टेंट द्वारा डीपीआर तैयार की जाएगी, जिसमें बसों का रूट, समय, टिकट तथा इन्हें पीपीपी मोड पर चलाने संबंधी जानकारी मुहैया करवाई जाएगी।