प्रताप बाजवा ने उठाई महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा लगाने की मांग
विधानसभा में दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा परिसर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह और डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमाएं लगाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने दोनों प्रतिमाएं लगाने का तो समर्थन किया, वहीं उन्होंने यह मांग भी रखी कि विधानसभा परिसर में शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा भी लगाई जाए। इस पर कुछ सदस्यों ने परिसर में महाराजा रणजीत सिंह का चित्र लगे होने की बात कही लेकिन बाजवा ने प्रतिमा लगाने पर जोर दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए कहा कि वह इस पर विचार करेंगे।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के मनप्रीत सिंह अयाली ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए विधानसभा परिसर में शहीद करतार सिंह सराभा की प्रतिमा लगाने की मांग की। चर्चा में कांग्रेस के सुखजिंदर सिंह रंधावा, आप के अमन अरोड़ा, बसपा के इंद्रजीत सिंह और भाजपा के अश्वनी शर्मा ने भी हिस्सा लिया।
भगत सिंह के शहीदी दिवस पर अवकाश
पंजाब सरकार ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर 23 मार्च को गजटेड अवकाश संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 23 मार्च को पंजाब सरकार के सरकारी दफ्तरों, बोर्ड/निगमों और सरकारी शैक्षिक संस्थानों में गजटेड छुट्टी रहेगी।
पंजाब विधानसभा ने दिवंगत शख्सियतों को दी श्रद्धांजलि
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधानसभा ने पिछले सत्र से अब तक दिवंगत शख्सियतों, स्वतंत्रता सेनानियों, शहीद सैनिकों और राजनीतिक हस्तियों को श्रद्धांजलि भेंट की। 16वीं पंजाब विधानसभा के पहले सत्र में सदन ने पंजाब के पूर्व राज्यपाल जनरल एसएफ रोड्रिग्स, पूर्व राज्यमंत्री रमेश दत्त शर्मा, पूर्व विधायक संत अजीत सिंह, पूर्व विधायक और स्वतंत्रता सेनानी हरबंस सिंह और एथलीट और अदाकार परवीन कुमार को श्रद्धांजलि भेंट की।
सदन ने ब्रिगेडियर एलएस लिद्दड़, असम में गश्त के दौरान जान न्योछावर करने वाले बीएसएफ जवान धर्मिंदर कुमार के अलावा प्रेम बल्लभ, अर्जन सिंह, मोहन सिंह, गोपाल सिंह, मेलो देवी, धर्म सिंह, जरनैल सिंह और सुखदेव सिंह (सभी स्वतंत्रता सेनानियों) को भी श्रद्धांजलि भेंट की गई। इस मौके पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विधायक राणा गुरजीत सिंह के भाई राणा महिंद्रा प्रताप सिंह का नाम भी दिवंगत शख्सियतों में शामिल करने का प्रस्ताव पेश किया। सदन में सम्मान स्वरूप दिवंगत हस्तियों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया।