पंजाब की जेलों में बंद अंडर ट्रायल और सजायाफ्ता कैदियों को कारागार से बाहर निकलवाने में अब पंजाब सरकार मदद करेगी। अच्छे आचरण और आर्थिक रूप से कमजोर इन कैदियों की मदद के लिए पंजाब सरकार ने गृह मंत्रालय (एमएचए) की पॉलिसी को अपनाया है।
प्रदेश की जेलों में बंद ऐसे कैदियों की पहचान के लिए राज्य और जिला स्तर पर दो अलग-अलग कमेटियां गठित की गई हैं। प्रदेश के हर जिला स्तर पर ऐसे कैदियों की पहचान के लिए जो कमेटी गठित की जाएगी, उसमें डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सेक्रेटरी, सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, संबंधित जेल के सुपरिटेंडेंट और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट और उस जेल के जज इंचार्ज जोकि डिस्ट्रिक्ट जज की ओर से मनोनीत व्यक्ति को शामिल किया गया है। राज्यस्तरीय कमेटी में भी पांच सदस्य शामिल होंगे, जोकि जिलास्तरीय कमेटियों की निगरानी करेंगे। राज्यस्तरीय कमेटी में होम व जेल के प्रमुख सचिव, कानून विभाग के सचिव, राज्यस्तरीय सर्विस अथॉरिटी के सचिव, डीजी और आईजी जेल और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को राज्यस्तरीय कमेटी में शामिल किया गया है।
जेल प्रबंधन के डीआईजी हेडक्वार्टर को इस स्कीम का पंजाब सरकार ने नोडल ऑफिसर बनाया है। डीआईजी हेडक्वार्टर के नाम पर इस स्कीम के लिए खोले गए अलग बैंक खाते में पांच लाख रुपये फंड के तौर पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। जेल प्रबंधन की मानें तो जो पहली सूची तैयार की है, उसके मुताबिक पंजाब की जेल में 18 कैदी अभी ऐसे हैं, जोकि सजा पूरी कर चुकी है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उन्होंने जुर्माना राशि नहीं दी है। इसकी वजह से उनकी सजा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा 141 अंडर ट्रायल कैदी हैं जोकि बेल बॉन्ड यानी जमानतनामा देने में असमर्थ हैं। ऐसे में इन दोनों श्रेणी के कुल 159 कैदियों को जल्द ही पंजाब जेल प्रबंधन अपनी ओर से बेल बॉन्ड और जुर्माना राशि देकर सलाखों के पीछे से बाहर कराएगा।
कुछ मामलों में हाईकोर्ट भी संज्ञान लेकर पंजाब की जेल में बंद कैदियों की सजा पूरी होने के बाद और आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण जुर्माना न भर पाने जैसे मामलों में संज्ञान ले चुका है। ऐसे में अब पंजाब जेल प्रबंधन ने गृह मंत्रालय की पॉलिसी को एडॉप्ट करते हुए इस योजना को प्रदेश में लागू करने का फैसला लिया है। पंजाब की कई जेल में विदेशी कैदी भी बंद हैं, जोकि सजा पूरी कर चुके हैं। उनका देश ही उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है, ऐसे कैदी भी पंजाब की जेल में अलग कैंप में रखे गए हैं।