पंजाब सरकार ने राज्य की चरमराती वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के लिए एक बड़ा व महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पॉवरकाम) ने एक सर्कुलर जारी कर एससी, बीसी कैटगरी के सभी पूर्व व मौजूदा मंत्रियों, पूर्व व मौजूदा सांसदों, विधायकों, पूर्व व मौजूदा नगर निगमों के मेयरों और जिला पंचायतों के चेयरमैन को दी जाने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा समाप्त कर दी है।
साथ ही 10 हजार व इससे ज्यादा पेंशन लेने वाले केंद्र व राज्य सरकार के सेवामुक्त मुलाजिमों के लिए भी यह सुविधा खत्म कर दी है। अब इनमें किसी को भी प्रति महीना 200 यूनिट बिजली के मुफ्त नहीं मिलेंगे। हालांकि एससी, बीसी और गरीबी रेखा से नीचे रह रहे उन लोगों को पहले की तरह यह सुविधा मिलती रहेगी, जो इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते है।
पॉवरकाम के डायरेक्टर कॉमर्शियल ओपी गर्ग ने बताया कि सेकेट्री पावर के आदेश के बाद यह सर्कुलर जारी किया गया है। पॉवरकाम द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक अब केवल एससी, बीसी और गरीबी रेखा से नीचे रह रहे उन लोगों को हर महीने 200 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी, जिनका मंजूरशुदा लोड एक किलोवाट तक है और जो इनकम टैक्स के दायरे से बाहर हैं।
इसके अलावा एससी, बीसी कैटेगरी के पूर्व व मौजूदा मंत्रियों, पूर्व व मौजूदा लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों, विधायकों, पूर्व व मौजूदा मेयरों, पूर्व व मौजूदा जिला पंचायतों के चेयरमैनों को अब बिजली के बिलों का भुगतान करना पड़ेगा। इनके अलावा 10 हजार व इससे अधिक पेंशन लेने वाले केंद्र व राज्य सरकार के मुलाजिमों तथा कार्यरत कर्मचारियों को भी मुफ्त बिजली नहीं मिलेगी।
पॉवरकाम अधिकारियों के मुताबिक एससी, बीसी केटेगरी की क्रीमीलेयर को मुफ्त बिजली देने के कारण सरकार पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। जबकि सरकार की आर्थिक हालत पहले ही काफी खस्ता है।