मोहाली की बाल गोपाल गऊ बसेरा वेलफेयर सोसायटी को लीज पर दी गई भूमि की लीज रद्द करने को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब सरकार ने याची के इरादे पर ही सवाल उठा दिया है। राज्य सरकार ने कहा कि गोशाला के लिए ली गई जमीन पर याची ने बैंक्वेट हॉल, मंदिर व डायग्नोसिस सेंटर बनाने का प्रस्ताव पास किया है। ऐसे में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से लीज पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश वापस लेने की अपील की है।
सोसायटी ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उसने पंचायती जमीन लीज पर ली थी। अचानक 1 जुलाई 2022 को उनकी लीज को रद्द कर दिया गया। ऐसा करते हुए याची सोसायटी को नोटिस तक जारी नहीं किया गया। याची संस्था ने कहा कि वह इस वर्ष की लीज राशि कैंसिलेशन के आदेश के बाद जमा करवा चुके हैं और अगले साल की लीज राशि भी जमा करवाने के लिए तैयार हैं। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया था। इसके साथ ही लीज की जमीन पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
लीज की शर्तों का उल्लंघन
याचिका पर पंजाब सरकार ने बताया कि एडीसी ने भूमि का दौरा किया था तो पाया कि लीज की शर्तों के खिलाफ जाकर काम किया जा रहा है। पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू की अध्यक्षता में प्रस्ताव पास किया गया कि इस भूमि पर गोशाला, मंदिर, बैंक्वेट हॉल व डायग्नोसिस सेंटर बनाया जाएगा। पंजाब सरकार ने कहा कि इस भूमि पर गोशाला के अतिरिक्त कुछ नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में लीज रद्द करने का फैसला सही है।