पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की आर्थिक स्थिति को लेकर सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने लोकसभा में जवाब मांगा था कि क्या इस मामले में पंजाब सरकार की तरफ से कोई चिट्ठी लिखी गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की तरफ से इस संबंध में एक चिट्टी जारी की गई है। जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि पंजाब सरकार ने पंजाब यूनिवर्सिटी की वित्तीय स्थिति को लेकर कोई चिट्ठी नहीं भेजी है।
पत्र में लिखा गया है कि पीयू के कुलपति प्रो. अरूण कुमार ग्रोवर की ओर से एमएचआरडी को पत्र लिखकर पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए फंड की मांग की गई है। यूजीसी के अनुसार इस मामले में प्रो. संजय ढांडा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है।
एमएचआरडी के अनुसार पीयू को वर्ष 2016-17 में 176 करोड़ की ग्रांट अलॉट की गई जिसमें 132 करोड़ जारी भी हो चुका है। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अरूण कुमार ग्रोवर ने पीयू की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी के जनवरी 2017 में बंद होने की बात कही थी, जिसके बाद यह मामला पंजाब और हरियाणा हरियाणा हाईकोर्ट में भी पहुंच गया था। हाईकोर्ट ने इस मामलें में एमएचआरडी, यूजीसी और पंजाब सरकार को जवाब तलब किया था।