पंजाब में तेजाब पीड़ित महिलाओं का कोई रिकार्ड सरकार के पास नहीं है। मंगलवार को राज्य कैबिनेट ने तेजाब पीड़ितों को 8000 रुपये मासिक पेंशन देने का फैसला तो लिया है लेकिन इस फैसले पर कब और किस तरह अमल किया जाएगा, इस बारे में सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है।
तेजाब पीड़िताओं का विस्तृत ब्योरा नहीं होने के कारण विभाग की चिंता का विषय यह है कि पेंशन बांटने के लिए पीड़िताओं से कैसे संपर्क किया जाए।
फिलहाल कैबिनेट के इस फैसले के बारे में नोटिफिकेशन होना बाकी है। राज्य सरकार के इस फैसले के तहत यह भी शर्त जोड़ी गई है कि पेंशन का लाभ केवल उन्हीं तेजाब पीड़िताओं को मिलेगा, जिन्हें 40 फीसदी विकलांगता का शिकार होना पड़ा है। इस संबंध में विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेजाब हमले की घटनाओं में पुलिस कार्रवाई के साथ ही पीड़िता के इलाज के दौरान सिविल सर्जन द्वारा यह सर्टिफिकेट भी जारी किया जाता है।
इसी में जिक्र होता है कि पीड़ित कितने फीसदी विकलांगता का शिकार हुई है। आमतौर पर तेजाब हमले में पीड़िताओं का चेहरा, आंखें, कान, नाक व मुंह, छाती को नुकसान पहुंचने के मामले सामने आते हैं। अधिकारियों का कहना है कि गर्दन के ऊपर किसी भी हिस्से का समाप्त हो जाना 50 फीसदी से अधिक विकलांगता में आता है। ऐसे में यह साफ है कि ज्यादातर पीड़ितों को सरकार की पेंशन योजना का लाभ मिल जाएगा।
नौकरी मिलने पर नहीं मिलेगी पेंशन
एसिड अटैक पीड़ित
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सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेजाब पीड़ित कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरियों में विकलांगता कोटे के तहत आवेदन कर सकते हैं। हालांकि नौकरी मिलने के बाद पीड़ित को मासिक पेंशन नहीं मिलेगी। सरकारी नौकरियों में 40 फीसदी विकलांगता वाले व्यक्ति कोटे के तहत नौकरी के लिए आवदेन कर सकते हैं।
विभाग के पास तेजाब पीड़ितों का कोई रिकार्ड नहीं है। जो पीड़ित पेंशन के लिए विभाग के पास आवेदन करेंगे, उनकी पेंशन लागू कर दी जाएगी और इसके साथ-साथ विभाग तेजाब पीड़ितों का डाटा भी तैयार कर लेगा।
-एसके संधू, सचिव, सामाजिक सुरक्षा व महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब
पंजाब सरकार तेजाब पीड़ितों की हरसंभव देखभाल करेगी। उनके इलाज और गुजर-बसर को लेकर सरकार गंभीर है। इसी लिए तेजाब पीड़ितों को मासिक पेंशन देने का फैसला लिया गया है ताकि वे अपना गुजारा स्वयं कर सकें। इसके अलावा, राज्य सरकार तेजाब पीड़िताओं के इलाज में भी आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। तेजाब हमले में महिलाओं के चेहरे का सबसे ज्यादा नुकसान देखा गया है। ऐसी महिलाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
-रजिया सुल्ताना, सामाजिक सुरक्षा व महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री