नशे पर अंकुश लगाने के लिए सेहत विभाग पुलिस के साथ मिलकर अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में सेहत विभाग ने मरीजों को बिना बिल के दवा देने और नशेड़ियों को दवा बेचने के आरोप में तीस मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर रवि गुप्ता ने बताया कि पुलिस के साथ मिलकर वह नशा बेचने वाले 15 केमिस्टों की धरपकड़ कर चुके है, जिनके लाइसेंस भी रद्द किए गए हैं। इसके अलावा मरीजों को मंहगी दवा बेचकर बिल न देने वाले केमिस्टों पर भी कार्रवाई की गई है और इसके तहत 15 दुकानदारों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 450 के लगभग केमिस्ट की दुकानें है, सभी लोगों को निर्देश दिया गया है कि वह दवाओं की बिल जरूर मरीजों को दें साथ ही बिना डॉक्टर की रसीद के नारकोटिक्स से संबंधित दवाएं किसी को न दें। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा नियमित रूप से मेडिकल स्टोरों के स्टॉक की जांच की जा रही है। ऐसे में यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक बिना बिल के दवाओं की बिक्री करता हुआ पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल नशे पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए जिले की पुलिस अपने-अपने हलके के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस की प्रति लेने के साथ ही उन्हें सुविधा सेंटर में बुलाकर उनकी फोटो भी खिंचवा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे पूछताछ की जा सके।