पंजाब सरकार के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि राज्य सरकार मुलाजिमों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने पर विचार कर रही है। गौरतलब है कि साल 2004 में पुरानी पेंशन स्कीम बंद कर दी गई थी और तभी से मुलाजिमों को नई पेंशन स्कीम दी जा रही है। प्रदेश के मुलाजिम संगठन लंबे समय से पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग करते रहे हैं। पुरानी पेंशन स्कीम फिर से लागू होने से प्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा मुलाजिमों को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव को इस स्कीम को लागू करने की संभावना तलाशने और कार्यप्रणाली पर गौर करने को कहा है ताकि मुलाजिमों को बड़ी राहत मिल सके। कर्मचारियों की भलाई की अपनी वचनबद्धता दोहराते हुए मान ने कहा कि इस बड़े कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। कर्मचारी सरकार की रीढ़ हैं और उनकी भलाई यकीनी बनाने के लिए हर कोशिश की जाएगी।
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले कुछ महीने में मुलाजिम समर्थक कई कदम उठाए हैं। राज्य में ठेके पर काम करते मुलाजिमों को पक्का करने के लिए नीति लाई गई है। इसी तरह सरकार ने बड़े स्तर पर भर्ती मुहिम शुरू की है जिससे जहां नौजवानों को नौकरियां मिल सकें, वहीं स्टाफ की कमी दूर होने से विभागों की कारगुजारी में भी सुधार हो सके।
पुरानी पेंशन तुरंत बहाल करे सरकार: सुखचैन
साझा मुलाजिम मंच पंजाब और यूटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पुरानी पेंशन को लेकर जारी बयान का स्वागत करते हुए पुरानी पेंशन स्कीम को तुरंत लागू करने की मांग की है। मंच के कन्वीनर सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान स्वागत योग्य है लेकिन यह आशंका भी है कि कहीं उनकी यह इच्छा कागजों और विचार-विमर्श तक ही सीमित न रह जाए।
कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग करते रहे हैं और जब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर देगी, तब तक कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की यह मांग बहुत पुरानी है और इसे अब विचार-विमर्श में न उलझाते हुए तुरंत लागू किया जाना चाहिए।