सांसद डॉ. धरमवीर गांधी की अगुवाई में बने पंजाब फ्रंट ने अपने पंद्रह उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी। फ्रंट के उम्मीदवार किस चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे, इस पर फैसला दो दिनों में होगा। माना जा रह है कि फ्रंट में ही शामिल किसी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर सभी उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डॉ. गांधी ने कहा कि जरूरी नहीं कि फ्रंट सभी सीटों पर चुनाव लड़े। अगर तमाम सीटों से अच्छे कैंडिडेट मिलेंगे तो उन्हें चुनाव लड़ाया जाएगा। लेकिन जिन सीटों पर फ्रंट चुनाव नहीं लड़ेगा, वहां किसी भी पार्टी के कैंडिडेट अगर फ्रंट की नीतियों से सहमत होंगे, तो उनका समर्थन किया जाएगा। सुच्चा सिंह छोटेपुर के सवाल पर उन्होंने कहा कि छोटेपुर ने अपना प्रतिनिधि उनकी मीटिंग में भेजा और समानांतर प्रेस कांफ्रेंस कर उम्मीदवार घोषित कर दिए। जबकि, तय यह हुआ था कि फ्रंट की स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों की पड़ताल करेगी।
फिर भी अभी बातचीत खत्म नहीं हुई है, वह साथ आना चाहें तो उनका स्वागत है। उन्होंने कहा कि हरीश राय ढांडा की अगुवाई वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने सभी उम्मीदवारों की पड़ताल की है। फ्रंट में अपनी भूमिका पर डॉ. गांधी ने कहा कि आप का सदस्य होने के कारण वह अधिकारिक तौर पर फ्रंट में कोई पद नहीं ले सकते। लेकिन वह फ्रंट के साथ हैं। इसकी 11 मेंबरी कमेटी सारा संचालन करेगी। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल की मशक्कत के बाद फ्रंट ने पंजाब के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। जिसमें पंजाब को उसकी नदियों के पानी पर अधिकार की मांग की गई है।
सिंथेटिक ड्रग्स से युवाओं को बचाने के लिए डॉक्टरों की निगरानी में अफीम व भुक्की जैसे परंपरगत नशों को सीमित मात्रा देने की मांग है। आनंद मैरिज एक्ट और आल इंडिया गुरद्वारा एक्ट लागू करने की मांग है। साथ ही पुलिस का सियासीकरण न करने जैसी कई मांगें हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकमान से कंट्रोल होने वाली पार्टियां पंजाब का हित नहीं कर सकतीं। अकाली दल ने पहले पंजाब की नुमाइंदगी की, पर बाद में उसने भी खुद को कॉरपोरेट हितों से जोड़ लिया।