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पंजाब से आतंकवाद का सफाया करने वाले सुपरकॉप केपीएस गिल नहीं रहे, दिल्ली में ली आखिरी सांस

Sat, 27 May 2017 09:15 AM IST
amarujala.com- presented by: खुशबू गोयल
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पंजाब के पूर्व DGP केपीएस गिल नहीं रहे
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पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल नहीं रहे। 82 वर्षीय गिल ने दोपहर ढाई बजे दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली। बताया जा रहा है कि केपीएस गिल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह किडनी से जुड़ी बीमारियों के कारण परेशान थे। किडनी फेल होने के कारण ही उनकी मौत हुई।
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गिल ने भारतीय पुलिस सेवा में अपने कैरियर की शुरुआत पूर्वोत्तर के राज्य असम से की। शुरुआती दिनों में ही उन्होंने खुद को एक सख्त अधिकारी के रूप में स्थापित कर लिया। पंजाब पुलिस के प्रमुख के रूप में 1990 के दशक में वह पूरे देश में प्रसिद्ध हुए थे।

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सिख बहुल राज्य पंजाब में अलगाववादी आंदोलन को कुचलने का मुख्य श्रेय गिल को ही मिला। पंजाब में मिली सफलता के बाद जहां अपराधियों में उनका खौफ फैल गया, वहीं मीडिया में वह ‘सुपरकॉप’ के रूप में चर्चित हुए।
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Former Punjab DGP KPS Gill passed away at Sir Ganga Ram Hospital in Delhi,after sudden cardiac arrest due to cardiac arrhythmia pic.twitter.com/ue7KYfbDQZ — ANI (@ANI_news) May 26, 2017
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पद्म भूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया था

पंजाब के पूर्व DGP केपीएस गिल नहीं रहे
80 के दशक में जब पूरा पंजाब आतंकवाद की आग में झुलस रहा था तब उन्होंने खालिस्तानी आतंकवादियों से काफी सख्ती से निपटा था। उन्होंने राज्य में आतंकवाद की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।

गिल को उनकी सेवा के लिए 1989 में पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित किया गया था। केपीएस गिल 1995 में पुलिस फोर्स से रिटायर हुए थे। गिल इंडियन हॉकी फेडरेशन (IHF) के प्रेसिडेंट भी थे।

गिल ने 2006 में सुरक्षा सलाहकार रहते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को बस्तर की तीन सड़कों का निर्माण करने का सुझाव दिया था। ये सड़के थीं- दोरनापाल-जगरगुंडा, सुकमा कोंटा और नारायणपुर-ओरछा, लेकिन वे बन नहीं पाई। केपीएस गिल ने अफगानिस्तान में युद्ध के माहौल में भी 218 किलोमीटर देलारम-जरंज हाईवे का निर्माण चार साल में कराया था।
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