हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य संत बलजीत सिंह दादूवाल ने अपने इस्तीफे को लेकर चुप्पी साध ली है।
सोमवार को माडर्न जेल में पत्नी, ससुर समेत दर्जनों समर्थकों से मुलाकात के बावजूद संत दादूवाल की तरफ से अपने इस्तीफे के बारे में कोई चर्चा नहीं की गई।
संत दादूवाल से मुलाकात के बाद उनके ससुर बाबा गुरमीत सिंह बरीवाला ने कहा कि यह मुलाकात सिर्फ उनके स्वास्थ्य पर ही केंद्रित रही। बीती 29 अगस्त की रात को मानसा में पुलिस रिमांड के दौरान अचानक संत दादूवाल की सेहत खराब हो गई थी और उनका डॉक्टरों की एक टीम से परीक्षण भी करवाया गया था।
मुलाकात के दौरान पता चला है कि अब उनके स्वास्थ्य में सुधार आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि अपने इस्तीफे को लेकर संत दादूवाल ने उनके साथ कोई बात नहीं की है। इस मसले पर जेल से बाहर आने के बाद वे खुद मीडिया से बात करेंगे। इस मौके पर उनके समर्थकों ने जेल के बाहर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इस्तीफे का रहस्य बरकरार
संत बलजीत सिंह दादूवाल की चुप्पी से उनके इस्तीफे को लेकर लगातार तीसरे दिन भी रहस्य बरकरार रहा। जेल में उनसे मुलाकात करने के बाद पारिवारिक सदस्यों ने भी न तो उनके इस्तीफे की हामी भरी है और ना ही खंडन किया है।
ऐसे हालात में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि पुलिस ने ही अपनी हिरासत के दौरान संत दादूवाल से जबरन इस्तीफा लिखवाया है। सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस के आला अधिकारियों ने संत दादूवाल से कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर भी करवाए हुए हैं। सिख संगठन भी संत दादूवाल पर अमानवीय बर्ताव करने के आरोप लगा रहे हैं।