नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने चंडीगढ़ जोन ने चार फरवरी को होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्य में नशीले पदार्थों की सप्लाई को रोक ने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है।
इसके तहत पंजाब के सभी 22 जिलों में अधिकारियों की तैनाती व वहां के कथित ड्रग तस्करों व मेडिकल स्टोरों पर दबिश देनी शुरू कर दी है। एनसीबी पिछले 10 दिन से पंजाब के विभिन्न जिलों में छापा मारकर दर्जनों दुकानों से लाखों की नशीली दवाएं बरामद की है।
इन चार बातों पर विशेष ध्यान
-एनसीबी अधिकारियों के मुताबिक पंजाब में अफीम और भुक्की की तस्करी हरियाणा और राजस्थान से लगते बार्डर एरिया से होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए इन बार्डर एरिया पर बीएसएफ के साथ मिलकर एनसीबी विशेष नजर रखेगी।
-मेडिकल नशे की सप्लाई रोकने के लिए एनसीबी योजना बनाई है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक जिले के ड्रग इंस्पेक्टर और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इन पर लगातार निगरानी रखने की प्लानिंग बनाई गई है।
-हिमाचल, हरियाणा और दिल्ली से आने वाले मेडिकल व सिंथेटिक ड्रग की सप्लाई पर एनसीबी ने नजर रखनी शुरू कर दी है। आसपास स्थित फार्मा कंपनियों के दवाओं का रिकार्ड चेक करना शुरू कर दिया है।
-पंजाब में बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी पाकिस्तान से होती है। इसलिए एनसीबी और बीएसएफ ने विशेष तौर पर निगरानी रखनी शुरू कर दी है। एनसीबी ने सीमा पर बसे गांवों व वहां पर पुराने तस्करों पर विशेष नजर रख रही है।
हर जिले में एक इंटेलिजेंस अफसर व चार पैरामिलिट्री के जवान तैनात
एनसीबी ने तस्करों को पकड़ने के लिए पंजाब के हर जिले में एक इंटेलिजेंस अफसर व चार पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात कर दिए है। एनसीबी ने अफसरों को वहां पर अस्थायी रहने की और गाड़ियों की व्यवस्था की है।