पंजाब दिव्यांग एसोसिएशन ने मंगलवार देर रात तक नेशनल हाईवे वेरका चौक पर धरना देकर ट्रैफिक जाम कर दिया। अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर दिव्यांगों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और समाचार लिखे जाने तक नेशनल हाईवे पर धरना जारी रहा।
धरने पर बैठे दिव्यांगों की बात को सुनने के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी रात तक मौके पर नहीं पहुंचा। इस बात को लेकर दिव्यांगों में जबरदस्त गुस्सा दिखा। इस धरने के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जबकि ट्रैफिक को दूसरे रास्तों से निकालने में पुलिस जुटी रही। यहां तक की चंडीगढ़-खरड़ मार्ग पर चंडीगढ़ पुलिस ने पीछे से ही वाहनों को रोक कर दूसरे रास्तों से निकाला।
धरने के दौरान पूरे राज्य के दिव्यांग एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। एसोसिएशन के प्रदेश सचिव रमेश कुमार कुरड़ी ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा अकाली-भाजपा सरकार दिव्यांगों के साथ अन्याय कर रही है। दिव्यांगों के लिए नौकरियों में सिर्फ तीन प्रतिशत पद आरक्षित हैं, इस कोटा को बढ़ाने की आवश्यकता है। सरकार दिव्यांगों को 500 रुपये पेंशन दे रही है, यह पेंशन पूरी तरह से लाचार दिव्यांग को 5000 और दिव्यांग को 3000 हजार रुपये दिए जाएं।
एसोसिएशन ने पेंशन को पात्रों के सीधा खाते में जमा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अभी यह पेंशन सरपंचों के माध्यम से दी जाती है, जबकि कई बार तीन-तीन माह तक सरपंच द्वारा पेंशन न निकाले जाने पर पात्र दिव्यांगों को परेशान होना पड़ता है। एसोसिएशन के पटियाला के जिलाध्यक्ष गुरजंट सिंह के मुताबिक प्राईवेट बसों में दिव्यांगों को यात्रा के दौरान अपमानित होना पड़ता है। सरकार इसके लिए सख्ती से कदम उठाए और दिव्यांगों के ग्रीन कार्ड बनाने के आदेश जल्द जारी करे। इस मौके पर मोहाली के जिलाध्यक्ष धर्म सिंह मुंडी, उपाध्यक्ष गुरशरण सिंह, लुधियाना के प्रधान सर्वजीत सिंह कटियाना, मानसा के प्रधान अविनाश शर्मा सहित अन्य जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।