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कैट ने पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति की खारिज, फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी सरकार

Sat, 18 Jan 2020 09:08 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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डीजीपी दिनकर गुप्ता - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब सरकार को बड़ा झटका देते हुए केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) ने डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को खारिज कर दिया है। साथ ही कैट ने नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए चार सप्ताह में तीन वरिष्ठ अधिकारियों का नया पैनल भेजने का आदेश जारी किया है। इस बीच पंजाब सरकार ने डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति रद्द करने के कैट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। इस संबंध में सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार कैट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष अपील दाखिल करेगी।

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कैट के चेयरमैन एल नरसिम्हा रेड्डी और एम जमशेद की दो सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि डीजीपी की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के फैसले और मानदंडों का उल्लंघन करती है। पंजाब सरकार ने सुरेश अरोड़ा के सेवानिवृत्त होने के बाद 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी दिनकर गुप्ता को डीजीपी नियुक्त किया था। 

इस नियुक्ति के खिलाफ 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा और 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने कैट में याचिका दायर की थी। चट्टोपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा कि वे दिनकर गुप्ता से सीनियर हैं। मेरिट में भी वे आगे थे। आतंकवाद के दौर से लेकर अब तक कई विभागों में काम कर चुके हैं। उनका कार्यकाल पूरी तरह से बेदाग रहा है। 
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आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा के वकील ने अपनी दलील में कहा कि डीजीपी की नियुक्ति में वे सबसे सीनियर हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाए गए मानदंडों के मुताबिक उसमें वे सबसे वरिष्ठ हैं। गुप्ता से ज्यादा अनुभव उनके पास हैं, लेकिन पैनल में उनकी अनदेखी की गई। पंजाब सरकार ने अपने स्वार्थ के चलते यूपीएससी को अंधेरे में रखा और वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर अपने चहेते की सिफारिश की।  

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कैट ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि यूपीएससी को भेजे गए अधिकारियों के पैनल में कई खामियां थीं। चार सप्ताह में दोबारा से पैनल बनाने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वकील निर्देश गुप्ता ने कैट में पंजाब सरकार का प्रतिनिधित्व किया, जबकि पुनीत बाली ने दिनकर गुप्ता का। 

मुस्तफा और चट्टोपाध्याय का प्रतिनिधित्व एडवोकेट राजीव आत्म राम और पीएस पटवालिया ने किया। दोनों एडवोकेट ने कहा कि डीजीपी की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह केस के मानदंड का उल्लंघन किया गया है। यूपीएससी की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल अनु चतरथ मौजूद रहे। 

दिनकर गुप्ता ही रहेंगे पंजाब के डीजीपी : कैप्टन
सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की ओर से पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति रद्द किए जाने के आदेश पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि यह मामला कैट और यूपीएससी के बीच का है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिनकर गुप्ता ही पंजाब के डीजीपी बने रहेंगे। 
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