कैट ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि यूपीएससी को भेजे गए अधिकारियों के पैनल में कई खामियां थीं। चार सप्ताह में दोबारा से पैनल बनाने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वकील निर्देश गुप्ता ने कैट में पंजाब सरकार का प्रतिनिधित्व किया, जबकि पुनीत बाली ने दिनकर गुप्ता का।
मुस्तफा और चट्टोपाध्याय का प्रतिनिधित्व एडवोकेट राजीव आत्म राम और पीएस पटवालिया ने किया। दोनों एडवोकेट ने कहा कि डीजीपी की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह केस के मानदंड का उल्लंघन किया गया है। यूपीएससी की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल अनु चतरथ मौजूद रहे।
दिनकर गुप्ता ही रहेंगे पंजाब के डीजीपी : कैप्टन
सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की ओर से पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति रद्द किए जाने के आदेश पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि यह मामला कैट और यूपीएससी के बीच का है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिनकर गुप्ता ही पंजाब के डीजीपी बने रहेंगे।