कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने आशंका जताई है कि पुलिस जल्द उन्हें फाजिल्का से जुड़े ड्रग केस में झूठे आरोपों के तहत फंसा सकती है। उन्हें फंसाने के लिए प्रदेश सरकार किसी भी हद तक जा सकती है। वे सरकार की साजिश के शिकार हो सकते हैं।
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि पार्टी खैरा के साथ है। जल्द ही वे मामले को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। खैरा ने कहा कि वह हमेशा से सरकार के खिलाफ आवाज उठाते आए हैं। पहले भी उन पर छह झूठे परचे दर्ज किए गए।
अब फाजिल्का में पकड़े गए ड्रग तस्कर गुरदेव सिंह को टॉर्चर कर उससे यह बयान दिलाया गया है कि वह मेरी सरपरस्ती में कारोबार करता था। उनके पीएसओ जोगा सिंह को तफ्तीश के लिए चार दिन रखा गया। उससे सादे कागजों पर दस्तखत करा लिए गए।
खैरा ने कहा कि सूत्रों के मुताबिक पुलिस उनका पुराना रिकॉड इकट्ठा कर रही है। सूत्रों का यहां तक कहना है कि उन्हें शारीरिक तौर पर भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। वह हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे, जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी देंगे।
तस्वीरों में सच दिखाने का दावा
प्रताप सिंह बाजवा ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे ईमानदारी से काम करें और सत्ताधारियों के हाथ की कठपुतली न बनें। बाजवा ने चार तस्वीरें दिखाईं, जिनमें सीएम व डिप्टी सीएम समेत कई सत्ताधारी आपराधिक तत्वों के साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इन मामलों में एसआईटी गठित की जानी चाहिए।
सरकार विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। बैंस ब्रदर्स को जेल भेजा गया। कांग्रेस में बलबीर सिद्धू, राजा वड़िंग, कुलजीत नागरा, सुखपाल खैरा और चरनजीत चन्नी को मुखर होने से रोका जा रहा है। खैरा को झूठे केस में फंसाया गया तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी और जरूरत पड़ी तो वे अदालत की शरण भी लेंगे।
इस बीच बाजवा ने मांग की कि सरकार किसानों को दो सौ रुपये बोनस दे। वहीं, कुलजीत नागरा ने कहा कि सरकार के ही लोग कम रेट पर गेहूं की प्राइवेट खरीद कर रहे हैं। सरकारी खरीद होने पर इसी गेहूं के बदले वे करोड़ों रुपये कमा लेंगे।