पंजाब में दलितों के वोट बैंक को अपनी झोली में डालने के लिए सभी राजनीतिक दल पूरा जोर लगा रहे हैं। कांग्रेस विशेष कवायद कर रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पार्टी संस्थापक कांशी राम के जन्मदिन पर पंद्रह मार्च को नवांशहर में दलितों की महारैली बुलाने का एलान किया है।
इससे पहले कांग्रेस की ओर से लुधियाना में 15 और 16 फरवरी को दो दिवसीय दलित लीडर्स कांफ्रेंस बुलाई है। इस कांफ्रेंस में दलितों की समस्याओं पर मंथन किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस दलित विंग के चेयरमैन डॉ. राजकुमार चब्बेवाल की अध्यक्षता में होने वाली इस कांफ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शकील अहमद, कांग्रेस एससी विंग के राष्ट्रीय चेयरमैन के राजू के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी समेत कई नेता शामिल होंगे।
प्रदेश प्रधान की जिम्मेदारी संभालने के बाद कैप्टन पहली बार लुधियाना आएंगे। काबिलेजिक्र है कि पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 34 दलित और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित हैं। 2012 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने इनमें से नौ सीटें जीती थीं और 25 में हार का का मुंह देखा था।
कांग्रेस की रणनीति है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए इन 34 सीटों में से अधिक से अधिक अपने खाते में डाली जाएं। इसी रणनीति के तहत दलितों को साधने के प्रयास किए जा रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह वादा भी किया है कि उनकी सरकार आने पर दलित समाज की कन्या की शादी पर 51 हजार रुपये शगुन दिया जाएगा।
300 यूनिट तक बिजली मुफ्त में दी जाएगी। इसके अलावा भी दलित समाज को सारे अधिकार और सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराई जाएंगी। 15 और 16 फरवरी को होने वाली कांग्रेस की दलित लीडर्स कांफ्रेंस में पंजाब के सभी 117 विधानसभा हलकों से 15-15 डेलिगेट्स को आमंत्रित किया गया है। इनके साथ दो दिन तक दलित समाज की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करके आगे की रणनीति का रोडमैप तैयार किया जाएगा।