पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खालिस्तानी लहर को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष समर्थन देने के लिए कनाडा सरकार की तीखी आलोचना की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कनाडा अपनी धरती से चलाई जा रही भारत विरोधी सरगर्मियों को रोकने में असफल रहा तो यह लंबे समय में उसकी अपनी सुरक्षा और हितों के लिए नुकसानदेह होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत कनाडा के प्रति बहुत ज्यादा नरम है, जबकि उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कनाडा के खिलाफ यूएन की पाबंदियों की भी मांग की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कनाडा सरकार के साथ खुद यह मुद्दा उठाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के पिछले साल के भारत दौरे के दौरान उन्हें वांछित आतंकवादियों की सूची दी गई थी, लेकिन उनकी सरकार का समर्थन कमजोर रहा, जिससे उनकी मंशा पूरी तरह बेनकाब हो गई। मुख्यमंत्री ने कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (सीएसआईएस) द्वारा जारी की 2018 की पब्लिक रिपोर्ट का जिक्र किया।
उन्होंने इसके तथ्यों पर चिंता प्रकट की कि कनाडा में भारत विरोधी सरगर्मियां बढ़ी हैं। इस रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया गया है कि यह सरगर्मियां भारत के लिए ही चुनौती नहीं हैं, बल्कि कनाडा की सुरक्षा के लिए भी चुनौती हैं। कैप्टन ने कहा कि हिंसा या आतंकवाद को किसी भी तरह का समर्थन वास्तव में समूचे विश्व भाईचारे के लिए विनाशकारी होगा और यह आतंकवाद का समर्थन करने वालों के लिए भी उतना ही हानिकारक होगा।