पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में मोबाइल टावरों की तोड़फोड़ और दूरसंचार सेवाओं में बाधा डालने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए पुलिस को ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब में किसी भी निजी या सरकारी संपत्ति का नुकसान सहन नहीं करेंगे। उनकी तरफ से ऐसी कार्रवाई न करने की बार-बार अपील करने के बाद भी इसे अनदेखा करने के कारण उन्हें कड़ा रुख अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वह अराजकता फैलाने और किसी को भी कानून अपने हाथों में लेने की आज्ञा नहीं देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरसंचार सेवाओं में बाधा से राज्य में संचार ब्लैकआउट हो सकता है और इससे खासकर छात्रों और पेशेवर व्यक्तियों को गंभीर नुकसान हो सकता है। परीक्षाओं खासकर बोर्ड की परीक्षा नजदीक होने और कोविड महामारी के मद्देनजर विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा पर निर्भर हैं, जिस कारण दूरसंचार सेवाओं में बाधा डालने से बच्चों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। बैंकिंग सेवाएं, जो कोविड के संकट के दौरान बड़े स्तर पर ऑनलाइन लेन-देन पर निर्भर हैं, को ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों से ठेस पहुंच रही है।
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किसानों से हमदर्दी, लेकिन कानून हाथ में लेने की आज्ञा नहीं : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने चेताया कि हिंसा प्रदर्शनकारियों को आम लोगों से अलग कर सकती है, जो किसान समुदाय के हितों के लिए दुष्प्रभावी साबित होगा। उनकी सरकार की संघर्षशील किसानों के साथ पूरी हमदर्दी है और इसी कारण ही राज्य की विधानसभा में केंद्र के कानूनों को बेअसर करने के लिए प्रांतीय संशोधन बिल लाए गए लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पंजाब में 1561 मोबाइल टावरों की सेवाएं प्रभावित
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बीते कुछ दिनों में 1561 मोबाइल टावरों की सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से सोमवार से 32 मोबाइल टावरों की बिजली सप्लाई में बाधा पड़ने के कारण 146 टावर प्रभावित हुए। इससे बाकी 114 टावरों की सेवाएं भंग हो गई। अब तक 433 टावरों की मरम्मत की जा चुकी है। राज्य के कुल 22 जिलों में 21306 मोबाइल टावर हैं।