नियुक्ति पत्र सौंपते सीएम भगवंत मान।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद पांच महीनों में ही 17,313 युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। मंगलवार को पंजाब पुलिस में नवनियुक्त 4358 सिपाहियों को नियुक्ति पत्र बांटते के मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न की है।
उन्होंने कहा कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान केवल मेरिट ही एकमात्र मापदंड था। पुलिस विभाग में खाली पड़े 5739 अन्य पदों पर भर्ती जल्द ही शुरू की जाएगी। आज के तकनीकी युग में अपराध और अपराधियों से निपटने के लिए इन जवानों की उच्च विद्या काफी मददगार साबित हो सकती है। इस नौकरी के लिए उच्च शैक्षिक योग्यता प्राप्त युवाओं के सफल होने की उन्हें बेहद खुशी है। कुल उम्मीदवारों में से 2930 उम्मीदवार 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जबकि 816 की उम्र 26 से 30 साल के बीच है।
पुलिस में भर्ती हुईं लड़कियों को मुबारकबाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस में इस भर्ती के दौरान लड़कियों के लिए कुल 33 प्रतिशत पद आरक्षित करने का विज्ञापन दिया गया था लेकिन लड़कियों ने कड़ी मेहनत से इससे भी अधिक पद हासिल किए हैं। इस मौके पर पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजूआ, पुलिस प्रमुख गौरव यादव, प्रमुख सचिव (गृह) अनुराग वर्मा भी मौजूद थे।
आप और कांग्रेस में मची श्रेय लेने की होड़
पंजाब पुलिस में नवनियुक्त 4358 सिपाहियों को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा नियुक्ति पत्र सौंपे जाने के साथ ही इस भर्तीं को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच श्रेय लेने की होड़ मच गई। कार्यक्रम से पहले ही पूर्व गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यह भर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुई थी लेकिन उसके बाद आचार संहिता लागू हो गई।
पांच महीने तक मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने जानबूझकर इस भर्ती को लटकाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। अब पिछली सरकार द्वारा किए गए काम का मान सरकार क्रेडिट लेने लगी है। उधर, मुख्यमंत्री मान ने कहा कि 4358 पदों का विज्ञापन दिया गया था। पुलिस में भर्ती इसी तरह से जारी रहेगी।