ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन द्वारा एक नवंबर को पंजाब बंद की कॉल को लेकर पुलिस की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है। पंजाब की खुफिया एजेंसियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
बंद का फायदा उठाकर शरारती तत्व किसी हिंसक कार्रवाई को अंजाम न दे सकें, इसके लिए एजेंसियां और पुलिस संदिग्ध लोगों पर निगाह रखे हुए हैं। डीसीपी नवीन सिंगला ने शुक्रवार को दिन भर कई चरणों में पुलिस अधिकारियों के साथ लंबी मीटिंग की। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के लिए एक नवंबर का दिन दोहरी चुनौती भरा है।
शुक्रवार को ही बसपा प्रदेशस्तरीय रोष मार्च जालंधर में निकाल रही है, जिसमें बसपा के कई बड़े नेता शरीक हो रहे हैं। पंजाब की सारी बसपा लीडरशिप भी इसमें हिस्सा ले रही है। इसके लिए 350 अतिरिक्त पुलिस मुलाजिमों की तैनाती की गई है।
पंजाब बंद को लेकर डीसीपी नवीन सिंगला ने सभी एडीसीपी, एसीपी और थानेदारों के साथ लंबी बैठक की और उनके इलाकों की स्थिति का जायजा लेकर आदेश दिया कि पुलिस शुक्रवार रात से ही चौकस हो जाए और मोर्चा संभाल लिया जाए। डीसीपी सिंगला का कहना है कि पुलिस फोर्स पूरी तरह से चौकस है और बंद की आड़ में किसी शरारती तत्व को सिर उठाने का मौका नहीं दिया जाएगा।