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पंजाब निकाय चुनाव: बैलेट पेपर से वोटिंग के फैसले पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य चुनाव आयोग से पूछा-औचित्य क्या है

Wed, 20 May 2026 08:25 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में 26 मई को निकाय चुनाव के लिए मतदान होना है। इस चुनाव को बैलेट पेपर से करवाने के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनाैती दी गई है।  
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में स्थानीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलेट पेपर से कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से कड़ा सवाल पूछा। 
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अदालत ने कहा कि जब वर्षों से चुनाव ईवीएम के जरिए कराए जा रहे थे तो अचानक बैलेट पेपर प्रणाली पर लौटने का औचित्य क्या है।
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अव्यावहारिक और अस्वीकार्य है मांग

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि पंजाब राज्य चुनाव आयोग अधिनियम की धारा 64 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 61-ए लगभग समान हैं। सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव प्रक्रिया को फिर से बैलेट पेपर प्रणाली में ले जाने की मांग अव्यावहारिक और अस्वीकार्य है। याची ने दलील दी कि ईवीएम प्रणाली को वर्ष 2002 में कानूनी वैधता मिल चुकी है और इसके बाद अदालतें लगातार इसे बरकरार रखती रही हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बताया कि वर्ष 1984 में पहली बार ईवीएम के इस्तेमाल का प्रयास हुआ था लेकिन उस समय वैधानिक प्रावधान नहीं होने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया था। बाद में संसद ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में धारा 61-ए जोड़ी जबकि राज्यों ने भी अपने कानूनों में इसी तरह के प्रावधान शामिल किए। याची ने कहा कि कानून में जहां बैलेट बॉक्स और बैलेट पेपर का उल्लेख है वहां ईवीएम को भी शामिल माना जाएगा।

अवैध वोटिंग होती है कम

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया गया जिसमें कहा गया था कि ईवीएम से अवैध वोटिंग की संभावना कम होती है और मतगणना तेज व पारदर्शी बनती है। साथ ही बूथ कैप्चरिंग और धांधली की आशंकाएं भी घटती हैं।

मशीनें अन्य राज्यों में भेजी जा चुकीं

राज्य चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग से ईवीएम मांगी गई थीं लेकिन मशीनें अन्य राज्यों में भेजी जा चुकी थीं। अन्य राज्यों से मशीनें मंगाने में समय और व्यवस्थागत दिक्कतें थीं। इस पर हाईकोर्ट ने आयोग से पूरा रिकॉर्ड और पत्राचार पेश करने को कहा है।
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