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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट की खारिज, कहा- नहीं मानते, फिर से जांच हो

Thu, 01 Aug 2019 12:53 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : ANI
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बरगाड़ी बेअदबी केस में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को जल्दबाजी में की गई कार्रवाई करार देते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे इसे नहीं मानते। उन्होंने सीबीआई से इस क्लोजर रिपोर्ट को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह मामला फिर से खोला जाए। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट बंद करने के बेहतर कारण तो सीबीआई के साथ जुड़े लोग ही जानते हैं। लेकिन वित्तीय लेन-देन और विदेशी तत्वों के साथ संबंध समेत केस के बहुत से पहलुओं को सीबीआई जांच में नजरअंदाज कर दिया गया। सीबीआई ने कई मुख्य गवाहों और संदिग्धों की शिनाख्त और पड़ताल नहीं की। ऐसे लोगों की पूछताछ में बहुत कुछ सामने आ सकता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी की घटना के समय सीबीआई पर नियंत्रण भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के हाथ में था जिसमें शिअद भी हिस्सेदार था। उन्होंने कहा कि जस्टिस (रिटायर्ड) रणजीत सिंह द्वारा बरगाड़ी केस में शक की सूई शिअद की तरफ घुमी थी। अब सीबीआई द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दायर करने का फैसला कई सवाल खड़े करता है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दायर करने के अचानक लिए फैसले से न सिर्फ भारत में बल्कि विदेश में बसे सिखों को पीड़ा हुई है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।

इसमें दोषियों के विरुद्ध बिना कोई कार्रवाई किए इस ढंग से रद्द नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कदम से राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है जिससे देश के लिए भी गंभीर नतीजे सामने आ सकते हैं।

पंजाब पुलिस ने सीबीआई को लिखा पत्र, अभी जांच में बहुत कुछ बाकी
पंजाब पुलिस के इनवेस्टीगेशन ब्यूरो के स्पेशल डीजीपी-कम-डायरेक्टर की ओर से सीबीआई निदेशक को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि पंजाब सरकार के गृह व न्याय विभाग की ओर से 2 नवंबर, 2015 को जारी नोटिफिकेशन के तहत बेअदबी के तीन मामलों की सीबीआई जांच होनी थी। इसमें अब यह सामने आया है कि सीबीआई द्वारा मोहाली स्थित सीबीआई के स्पेशल जज की कोर्ट में एक क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई है। 

बेअदबी के अनेक मामलों की जांच (जिन्हें सीबीआई को नहीं सौंपा गया था) के लिए पंजाब पुलिस द्वारा लुधियाना रेंज के डीआईजी आरएस खटड़ा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।

पत्र में आगे कहा है कि लुधियाना रेंज के डीआईजी द्वारा 29 जुलाई, 2019 को पंजाब पुलिस को भेजे लेटर में कहा गया है कि एसआईटी की ओर से की गई जांच में कुछ पहलू सामने आए हैं। 

इसके मद्देनजर सीबीआई को इन तीन केसों में आगे और जांच की जरूरत है। पत्र में सीबीआई को यह भी बताया गया कि प्रमुख गवाहों और संदिग्धों से पूछताछ मामलों में नई रोशनी डाल सकती है।

इसके अलावा तकनीकी सुबूतों पर भी व्यापक तौर पर विचार और अध्ययन की जरूरत है। पत्र में यह भी कहा गया कि एसआईटी प्रमुख की संलग्न रिपोर्ट के मद्देनजर, यह अनुरोध किया जाता है कि उल्लेखित तीनों मामलों की आगे जांच की जाए। 
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जांच को सौंपे थे ये तीन मामले

अकाली-भाजपा सरकार ने नवंबर 2015 में सीबीआई को बेअदबी के तीन मामलों की जांच सौंपी थी। इनमें 1 जून, 2015 को बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बीड़ की चोरी, 25 सितंबर 2015 को बरगाड़ी व बुर्ज जवाहर सिंह वाला में बेअदबी के हस्त लिखित पोस्टर लगाने और 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी में पवित्र ग्रंथ के अंगों की बेअदबी से जुड़े मामले शामिल थे। 

सीबीआई ने 4 जुलाई 2019 को बरगाड़ी बेअदबी मामले में दोषियों को क्लीन चिट देते हुए अपनी क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी। एजेंसी ने केस में पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम के परिणामों को भी खारिज कर दिया था।

मैंने किसी को क्लीन चिट नहीं दी: सुखबीर
शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने सीबीआई क्लोजर रिपोर्ट को लेकर मीडिया में आए उनके बयान पर कड़ा एतराज जताया है। सुखबीर ने कहा कि उन्होंने किसी को क्लीन चिट नहीं दी। उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि अकाली दल रिपोर्ट का विरोध करता है और यह चाहता है कि किसी नतीजे पर पहुंचा जाए। 

हम क्लोजर रिपोर्ट को वापस लिए जाने के हक में हैं। हमने केंद्र सरकार से अपील की है कि सीबीआई को बेअदबी मामलों की जांच के निष्कर्ष पर पहुंचने के निर्देश दे। अकाली दल दोषियों और उनके आकाओं के लिए ऐसी सजा चाहता है कि भविष्य में कोई ऐसी नापाक हरकत न करे।
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