भले ही पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) के भाजपा में मर्जर के बाद पति एवं पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, बेटी जयइंद्र कौर और बेटे रणइंद्र सिंह भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन सांसद परनीत कौर कांग्रेस में बनी रहेंगी। परनीत का कहना है कि वह वर्तमान में कांग्रेस के साथ हैं। अब यह पार्टी पर है और उनकी मर्जी है, लेकिन वह पटियाला लोकसभा हलके के लोगों द्वारा चुनी गईं प्रतिनिधि हैं। इसलिए जब तक उनके पास ताकत है, वह लोगों की सेवा करती रहेंगी।
परनीत कौर अमर उजाला से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कैप्टन की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के भाजपा में विलय के संबंध में कुछ भी कहने से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि इसका जवाब तो खुद अमरिंदर या उनकी पार्टी के प्रवक्ता ही दे सकते हैं कि उनके परिवार समेत पार्टी के कौन से पूर्व विधायक भाजपा में शामिल होंगे।
गौरतलब है कि पिछले साल कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का गठन किया था। इसके बाद उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को टक्कर देने के लिए भाजपा से गठबंधन भी कर लिया था। तब से कांग्रेस पार्टी के अंदर परनीत कौर को निकालने की मांग चल रही है।
हाल ही में जब पटियाला में पंजाब विधानसभा में विरोधी दल के नेता एवं वरिष्ठ कांग्रेसी प्रताप सिंह बाजवा पहुंचे थे तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि परनीत अब उनकी पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। साथ ही 2024 के लोकसभा चुनावों में पटियाला से परनीत के खिलाफ कांग्रेस का उम्मीदवार उतारने तक की बात कही थी। इनके अलावा पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा बडिंग भी मीडिया में परनीत कौर के खिलाफ बयान दे चुके हैं कि जब तक उन्हें पार्टी से बाहर नहीं करेंगे, तब तक चैन नहीं लेंगे।
केंद्र में मंत्री बनाने की चर्चा
भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है। चर्चा है कि किसान आंदोलन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भाजपा कैप्टन को कृषि मंत्री बना सकती है। खासतौर पर पंजाब के किसानों के बीच अमरिंदर की स्वीकार्यता रही है और भाजपा को एक बड़ा सिख चेहरा भी मिल जाएगा।