विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद विपक्ष ने जम कर हंगामा किया। अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने के विरोध में कांग्रेसियों ने नारेबाजी की। उसकेबाद वाक आउट कर दिया।
प्रश्नकाल खत्म होते ही सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पानी केमुद्दे पर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई है। क्योंकि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को कुर्सी पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा देकर दोबारा विश्वास हासिल करना चाहिए।
स्पीकर डॉ. चरनजीत सिंह अटवाल ने कहा कि तकनीकी कारणों से प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया है। चन्नी ने इसका विरोध किया। स्पीकर अटवाल ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव सदन की कार्यवाही शुरू होने से एक घंटा पहले दिया जाता है। लेकिन यह सुबह 9.44 बजे दिया गया। मंगलवार को ही सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होनी है। ऐसे में प्रस्ताव मंजूर नहीं किया जा सकता।
लोक सभा से लेकर विधानसभाओं तक यही परपंरा है। इस पर चन्नी ने विधानसभा के रूल नंबर 58-1बी का हवाला देते हुए कहा कि प्रस्ताव सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले दिया जा सकता है। कांग्रेस ने काफी समय पहले प्रस्ताव दे दिया था। इसकेबाद कांग्रेसियों ने खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर अटवाल ने उन्हें समझा कर बैठने को कहा, लेकिन कांग्रेसी नहीं माने।
स्पीकर ने कहा कि विपक्ष आखिरी दिन, ऐन मौकेपर अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है। वह इसे लाने की इजाजत नहीं दे सकते। इसकेबाद कांग्रेस केविधायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इस बीच स्पीकर ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए नाम पुकारे। लेकिन दोनों प्रस्ताव कांग्रेस की ओर से ही लाए जाने थे। वे लाए ही नहीं गए। विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए वाक आउट कर दिया।