डॉ. नेहा शौरी
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पंजाब मंत्रिमंडल ने मंगलवार को विशेष केस के तौर पर मृतक नेहा शौरी के कानूनी वारिसों को लगभग 31 लाख रुपये के वित्तीय लाभ देने को परवानगी दे दी है। नेहा शौरी जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी मोहाली के तौर पर तैनात थी, जिनकी इसी साल 29 मार्च को ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बारे में फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने लिया।
इससे मृतक अधिकारी के परिवार को पेश वित्तीय कठिनाइयां दूर की जा सकेंगी। मंत्रिमंडल ने यह महसूस किया कि नेहा शौरी ने अपनी ड्यूटी बेधड़क होकर समर्पित भावना और मेहनत से निभाई। इस कारण उनके परिवार को वित्तीय लाभ देने के लिए कार्य बाद परवानगी दी गई। इन वित्तीय लाभों में एक्सग्रेशिया के 20 लाख, जीआईएस की बचत राशि 0.09 लाख के अलावा डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी के 6.99 लाख, लीव इनकेशमेंट के 3.28 लाख और जीआएस के 0.60 लाख रुपये शामिल हैं।
बता दें नेहा शौरी साल 2007 में पंजाब लोक सेवा आयोग के माध्यम से सेहत व परिवार भलाई विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर चुनी गई थी। अक्तूबर 2007 में रोपड़ जिले में ड्यूटी ज्वाइन की और साल 2013 में विभाग ने उसे जिला जोनल लाइसेंसिंग अथारिटी की जिम्मेदारी दी।