पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी कैबिनेट की बैठक बुला ली है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद यह दूसरी कैबिनेट बैठक है। बैठक 19 अप्रैल को चंडीगढ़ में होगी, जिसमें में बीते 18 मार्च को हुई पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की समीक्षा की जाएगी। इनके अलावा, सूबे में वीआईपी कल्चर खत्म करने, नशा तस्करी पर तय समय सीमा के बीच रोक, किसानों के कर्ज माफ करना और मंडियों में जारी गेहूं खरीद की मौजूदा स्थिति की समीक्षा भी आगामी बैठक में की जाएगी।
इसके साथ ही, एसवाईएल के मुद्दे पर 20 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बुलाई गई पंजाब और हरियाणा की बैठक में पंजाब के एजेंडे पर भी इस कैबिनेट बैठक के दौरान मुहर लगेगी। इस बीच, सोमवार को राज्य के वित्त मंत्री ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में राज्य की विभिन्न परियोजनाओं और उन पर आने वाले खर्च को लेकर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा मुंबई में उद्योगपतियों से मिले समर्थन के मद्देनजर सरकार नई उद्योग नीति में शामिल किए जाने वाले विभिन्न पहलुओं पर भी विचार करेगी।
प्रदेश की पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री रजिया सुलताना ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मुद्दे पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने मेनिफेस्टो में सामाजिक पेंशन राशि बढ़ाने का वादा किया था और सरकार इसे लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि सभी योग्य लाभपात्रों को समय पर पेंशन मुहैया कराने के लिए सरकार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में बीस लाख लोग सामाजिक पेंशन के लिए सूचीबद्ध हैं, लेकिन सरकार इस मामले में छानबीन भी करेगी ताकि सामाजिक पेंशन का लाभ केवल योग्य पात्रों को ही मिले।