पंजाब सरकार ने 31 जनवरी, 2017 को मौड़ मंडी बम धमाके में मारे गए चार नाबालिगों के पारिवारिक सदस्यों में से एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए नियमों में विशेष उपबंध करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। नौकरी के साथ ही सरकार परिजनों को पांच-पांच लाख की आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जा चुकी है।
मंत्रिमंडल बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया कि मृतक जपसिमरन सिंह (15) पुत्र खुशदीप सिंह, सौरव सिंगला (14) पुत्र राकेश कुमार, अंकुश (11) पुत्र ज्ञान चंद और रिपनदीप सिंह (9) पुत्र काला सिंह के परिवारों में से एक-एक सदस्य को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के लिए विशेष उपबंध किया जाए।
नाबालिग मृतक के संबंध में मौजूदा नियम अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मुहैया नहीं करवाते। मंत्रिमंडल के इस फैसले से प्रत्येक सदस्य को विशेष केस (इसको प्रथा समझे बिना) के अंतर्गत प्रत्यक्ष कोटे के रिक्त पदों के विरुद्ध बठिंडा जिले या इसके साथ लगते जिलों में उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार नौकरी देने के लिए संबंधित नियमों में छूट दे दी गई है। राज्य सरकार द्वारा नौकरी देने के अलावा प्रत्येक मृतक व्यक्ति के परिवार को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जा चुकी है।
दो को मिल चुकी है पहले नौकरी
बठिंडा जिले के मौड़ मंडी में हुए बम धमाके में सात व्यक्तियों की मौत हो गई थी और 13 लोग घायल हो गए थे । राज्य सरकार ने मौजूदा नीति के मुताबिक दो मृतकों हरपाल सिंह (40) तेजा सिंह और अशोक कुमार (35) पुत्र बाबू राम को पहले ही सरकारी नौकरी मुहैया करवा दी है। ये दोनों व्यक्ति अपने परिवारों के लिए रोजी-रोटी कमाने वाले थे। अशोक कुमार के केस में उसकी नाबालिग बेटी बागो (11) की भी इस हादसे में मौत हो गई थी लेकिन परिवार के एक सदस्य को पहले ही नौकरी दी जा चुकी है, जिस कारण आज मंजूर किए गए विशेष उपबंध में बागों को शामिल नहीं किया गया।