चीन में केमिस्ट्री ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधितत्व कर रहे निवेश
सेक्टर-32 निवासी जेईई मेन्स की परीक्षा में 99.99 पर्सेंटाइल अंक लाने वाले निवेश चीन में हो रहे केमिस्ट्री ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधितत्व कर रहे हैं। इसके अलावा मैथ्स इंडियन ओलंपियाड को क्वालिफाई कर चुके हैं। जेईई और बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के अलावा वे किताबें पढ़ने और लॉन टेनिस को भी कुछ समय देते थे, जिससे तनावमुक्त रह सकें। पिता अमित अग्रवाल निजी बैंक में रीजनल हेड है और माता मोनिका अग्रवाल गृहिणी है। वह एमआईटी यूएस से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बीटेक करना चाहते हैं।
सार्थ का कहना सफल होने के लिए लक्ष्य पर फोकस करना जरूरी
सेक्टर-50 निवासी सार्थ सिंगला ने जेईई मेन्स परीक्षा में 99.99 पर्सेंटाइल अंक हासिल किए हैं। सार्थ ने बताया बड़ा भाई पार्थ भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, उन्हें से प्रेरणा लेकर जेईई का फैसला लिया था। जेईई मेन्स की तैयारी के लिए लगभग आठ घंटे पढ़ाई करता था, अभी लक्ष्य जेईई एडवांस है। सफल होने के लिए लक्ष्य पर फोकस करना और प्रतिदिन मेहनत करना जरूरी है। पिता संजीव सिंगला एडवोकेट और माता दीपिका सिंगला गृहिणी हैं। पढ़ाई के साथ समय निकालकर दोस्तों के साथ बैडमिंटन और क्रिकेट खेलते हैं।
वासु ने कहा मेहनत करते रहिए, परिणाम के बारे में तनाव न लें
हरमिलाप नगर निवासी वासु सिंगला ने जेईई मेन्स में 99.99 पर्सेंटाइल अंक हासिल किए हैं। वासु ने बताया कि फिजिक्स और केमिस्ट्री के रीजनल ओलंपियाड में भी स्टेज 2 उत्तीर्ण किया है। केमिस्ट्री और एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड में स्टेज 1 उत्तीर्ण किया है।
कंप्यूटर साइंस में आईआईटी बॉम्बे से बीटेक करना चाहते हैं। पिता नीतू कुमार सिंगला बीएचईएल में एडीजीएम और माता रीना सिंगला गृहिणी है। जेईई मेन्स के लिए प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करता था। लक्ष्य के लिए मेहनत करते रहना चाहिए, परिणाम का सोचकर तनाव लेने में समय व्यर्थ नहीं करना चाहिए। पढ़ाई के साथ समय निकालकर उपन्यास पढ़ने, बैडमिंटन और फुटबॉल खेलकर तनावमुक्त रहता था।
यज्ञ ने कहा खुश रहिए, खुद की दूसरों से नहीं करें तुलना
सेक्टर-7 पंचकूला निवासी यज्ञ गोयल ने जेईई मेन्स में 99.99 पर्सेंटाइल अंक हासिल किए हैं। यज्ञ के पिता डॉ. विकास गोयल फ्रीलांस डॉक्टर और माता डॉ. निधि पारस हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं। यज्ञ ने बताया कि घर में सब डॉक्टर है लेकिन उन्हें गणित पंसद थी, इसलिए उन्होंने जेईई के लिए तैयारी करने का लक्ष्य बनाया।
खुद की दूसरे से तुलना नहीं करना चाहिए, सब अलग है। इसलिए खुश रहिए और जो आपको पसंद है उस पर समय लगाएं। जेईई मेन्स के लिए प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करते थे। इसके अलावा खाली समय में आर्ट एंड क्राफ्ट और बांसुरी बजाने में समय लगाते हैं। आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं।
इन छात्रों ने भी किए अच्छे अंक हासिल
शहर से पढ़ने वाले छात्रों में जेईई मेन्स में एमडी इसफारूल हक ने 99.95 पर्सेंटाइल, अनिमेश मदान ने 99.89 पर्सेंटाइल, पर्व अग्रवाल ने 99.97 पर्सेंटाइल, हर्ष जाखड़ ने 99.97 पर्सेंटाइल अंक हासिल किए हैं।