प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गो रक्षकों के बारे में बोले गए सख्त शब्दों का असर संगठन में भी हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार गो सेवा प्रकोष्ठ को तैयार ही नहीं किया। भाजपा का यह प्रकोष्ठ सूबे में काफी मजबूत था। पार्टी ने महिला, दलित और युवा मोर्चा ही तैयार किया है। गो सेवा प्रकोष्ठ तैयार न करने से गोभक्तों में खासी निराशा है। हालांकि अनुशासन में बंधे होने से भाजपा के कई नेता कुछ बोल नहीं रहे हैं।
पंजाब में भाजपा का गोसेवा प्रकोष्ठ काफी मजबूत माना गया है। इस प्रकोष्ठ से निकलकर कीमती भगत गो सेवा आयोग के चेयरमैन बने। उन्होंने ही भाजपा में प्रकोष्ठ के प्रधान पर रहते हुए पहले गो सेवा बोर्ड का गठन करवाया और बाद में पंजाब में आयोग का गठन करवाया। पूर्व प्रधान कमल शर्मा के कार्यकाल में भाजपा का गो सेवा प्रकोष्ठ का काफी अहम और सक्रिय रहा है। 2014 में गो तस्करी के 200 केस दर्ज करवाए गए, जबकि 2015 में 148 केस दर्ज हुए।
कीमती भगत आयोग के चेयरमैन बने तो इस प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी मंदीप बख्शी को मिल गई। बख्शी का कार्यकाल तीन साल का रहा। अब इस बार केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला को प्रदेश प्रधान की कुर्सी दी गई। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने गो रक्षा करने वालों के खिलाफ भाषण दिया तो इसका असर संगठन पर दिखाई दिया। इस बार भाजपा ने सूबे में गो सेवा प्रकोष्ठ का गठन ही नहीं किया।