भाजपा ने नए प्रदेश प्रधान चुनने की तैयारी कर ली है और यह नया प्रधान कल मिल जाएगा। तीन दावेदार मैदान में हैं। मौजूदा प्रधान कमल शर्मा, अश्वनी शर्मा और अविनाश राय खन्ना। चुनाव प्रक्रिया से पहले हाईकमान की ओर से अगर कोई संदेश आ गया तो सीधे प्रधान को नामित भी किया जा सकता है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रधान अमित शाह का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राष्ट्रीय प्रधान के चुनाव से पहले कम से कम आधे प्रदेश प्रधानों के चुनाव कराने जरूरी होते हैं। इसलिए पार्टी जल्द से जल्द कई राज्यों में चुनाव करवा रही है। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी चुनाव हो चुके हैं। अब पंजाब की बारी है।
पंजाब में पार्टी संविधान के मुताबिक प्रदेश प्रधान के चुनाव से पहले कम से कम आधे जिला प्रधानों का चुनाव कराना जरूरी है। पार्टी के पंजाब में 33 सियासी जिले हैं। जिनमें से 17 जिला प्रधानों का चुनाव जरूरी था, लेकिन भाजपा ने 22 जिला प्रधानों का चुनाव करवा लिया है। इसलिए प्रदेश प्रधान के चुनाव का रास्ता साफ है।
प्रधानगी की दौड़ में सबसे आगे मौजूदा प्रधान कमल शर्मा का नाम चल रहा है। उनके अलावा पूर्व प्रधान अश्वनी शर्मा भी रेस में हैं। तीसरे दावेदार हैं राज्यसभा सदस्य अविनाश राय खन्ना।
माना जा रहा है कि चुनाव नजदीक होने के कारण पार्टी कमल शर्मा को ही दोबारा जिम्मेदारी सौंप सकती है। लेकिन अगर शर्मा विरोधी गुट की चली तो खन्ना या अश्वनी शर्मा में से किसी को प्रधान बनाया जा सकता है।
दस जनवरी को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में निर्वाचन प्रक्रिया होगी, जिसमें सभी दावेदार नामांकन करेंगे। अगर उससे पहले हाईकमान की ओर से कोई निर्देश आ गया तो कोई नामांकन नहीं होगा। अगर नामांकन के बाद निर्देश आया तो बाकी दावेदार नाम वापस ले लेंगे।