पंजाब हरियाणा की सीमा पर शंभू व खनौरी बॉर्डर पर फसलों की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर फरवरी माह से धरने पर बैठे किसानों के हक में आज पंजाब बंद किया गया है। अमृतसर से लेकर पटियाला तक जगह जगह किसानों ने धरना लगाया है। सड़क यातायात के साथ रेल यातायात भी बाधित कर दिया गया है। किसान सुबह 7 बजे से सड़कों पर उतर आए हैं। बाजार और दुकानें बंद करवा दी गई हैं।
चंडीगढ़ के साथ लगते मोहाली के जीरकपुर, डेराबस्सी, खरड़, कुराली और लालड़ू में भी सड़क यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। हालात यह हैं कि मोहाली और खरड़ से चंडीगढ़ की तरफ आने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब बंद का असर राजधानी चंडीगढ़ में नहीं है। चंडीगढ़ के सभी बाजार खुले हैं। लेकिन मोहाली और अंबाला की तरफ से चंडीगढ़ आने वाले लोगों को खासी परेशानी हो रही है। वाहनों को रोके जाने की वजह से लोगों को पैदल ही अपने सामान के साथ यात्रा करनी पड़ रही है।
इधर, खरड़ हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गई है। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी हो रही है। जीरकपुर फ्लाई ओवर सुनसान पड़े हैं। क्योंकि किसानों ने फ्लाईओवर से पहले धरना लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। इस वजह से वाहन चालकों को खासी परेशानी का करना पड़ रहा सामना।
मोहाली में किसानों ने एयरपोर्ट रोड स्थित केएफसी जंक्शन पर जाम लगा दिया। सुबह से ही किसान बड़ी संख्या में यहां एकत्र हुए और सड़क पर यातायात को पूरी तरह से रोक दिया है। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। केएफसी जंक्शन पर जाम के कारण एयरपोर्ट रोड की तरफ आने-जाने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई जगह किसानों की यात्रा कर रहे लोगों के साथ तीखी बहसबाजी भी हुई है।
आंदोलन कुचलना चाहती है पंजाब सरकार, बड़ी संख्या में खनौरी बॉर्डर पहुंचें: डल्लेवाल
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का रविवार शाम को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे किसानों व आम लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे बड़ी संख्या में खनौरी बॉर्डर पहुंचें। उन्होंने आशंका जताई कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब सरकार उनको अनशन से उठाने और आंदोलन को कुचलने के लिए हमला कर सकती है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेज भी सत्याग्रह की आवाज को सुनते रहे हैं, लेकिन वर्तमान सरकार कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। इसलिए, लोगों से अपील है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में खनौरी बॉर्डर पर पहुंच कर आंदोलन को कामयाब बनाएं।